देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
अजमेर। हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती का 806वां उर्स बुधवार से शुरू हो जाएगा। दरगाह के बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने के साथ ही उर्स की अनौपचारिक शुरुआत हो जाएगी। भीलवाड़ा का गौरी परिवार यह रस्म अदा करेगा। गौरी परिवार 1944 से यह रस्म निभाता आ रहा है। उर्स की विधिवत शुरुआत रजब का चांद दिखने पर 18 या 19 मार्च को होगी।
ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के बुलंद दरवाजे पर बुधवार शाम भीलवाड़ा के लाल मोहम्मद गौरी के पोते फखरूद्दीन गौरी झंडा चढ़ाने की रस्म अदा करेंगे। झंडा बुधवार को बुलंद दरवाजे पर चढ़ाया जाएगा। झंडा चढ़ाने के साथ ही उर्स की अनौपचारिक शुरुआत हो जाएगी। झंडा चढ़ाने के दौरान बड़े पीर साहब की पहाड़ी से 25 तोपों की सलामी दी जाएगी। इससे पहले गौरी परिवार के फखरूद्दीन गौरी की अगुवाई में ढोल-ताशे के बीच झंडे का जुलूस निकाला जाएगा। दरगाह के शाही कव्वाल असरार हुसैन और अन्य इसके आगे कलाम पेश करते चलेंगे। उर्स का झंडा विभिन्न मार्ग से होकर निजाम गेट, शाहजहांनी गेट होकर बुलंद दरवाजे तक पहुंचेगा। यहां गौरी परिवार झंडे को चढ़ाने की रस्म अदा करेगा। इसके साथ ही गरीब नवाज के उर्स की अनौपचारिक शुरुआत हो जाएगी।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
सपा झंडे में लपेट नम आंखों से दी सपा नेता को अंतिम विदाई
हलवा रस्म के साथ बजट की उलटी गिनती शुरू, सरकार का मकसद मांग बढ़ाना और अर्थव्यवस्था में सुधार!
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गाड़ी पर फेंकी स्याही, दिखाए काले झंडे