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हरियाणा के मुख्यमंत्री ने दी किसानों को राहत, यहां पढ़ें

चंडीगढ़ । हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कपास और बारीक धान पर मार्किट फीस और ग्रामीण शुल्क को 2-2 प्रतिशत से कम करके आधा-आधा प्रतिशत करने की घोषणा की।
इसके साथ ही लस्टर लॉस व आढ़तियों का देय बकाया जल्दी ही दिया जायेगा और आगामी हर सीजन में मंडी में खरीद बंद होने पर 15 दिन के भीतर आढ़ती की दामी व लेबर की पेमेंट की जाएगी अन्यथा उसपर सरकार 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज देगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने किसानों की 4 फसलो धान , बाजरा , मूंग और मक्का की सरकारी खरीद के लिए गहनता से विचार विमर्श किया तब आढ़ती एसोसिएशन द्वारा आश्वासन दिया गया की व्यवस्था और निर्विघ्न सरकारी खरीद के लिए वो कटिबद्ध हैं ।
बैठक में बताया गया कि हरियाणा राज्य के सभी किसानो की फसल बेचने की तिथि निर्धारित ( शेड्यूलिंग) 7 अक्टूबर तक कर दी जाएगी। आधार और फर्द के साथ हरियाणा के सीमान्त जिले के जिन किसानों के हरियाणा के आढ़तियों के साथ व्यापारिक सम्बन्ध है उसकी रजिस्ट्रेशन की जाएगी, लेकिन पंजीकरण/खरीद 15 अक्टूबर से की जाएगी। फसल की पेमेंट का माध्यम चुनने का विकल्प किसान के पास होगा वो चाहे तो सरकार से सीधी पेमेंट प्राप्त करे या आढ़ती के माध्यम से। कपास व भारत सरकार के पीएसएस स्कीम के तहत फसलों पर आढ़ती के बाबत खरीद करवाने के लिए हरियाणा से एक शिष्टमंडल भारत सरकार के उच्च अधिकारी गण एवं संबंधित मंत्रियों से मुलाकात करके पक्ष रखेंगे। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया जो मंडियों में अन्य व्यापार की इजाजत बारे और आढ़तियों की अन्य समस्याओं पर विचार कर सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी।


साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

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