देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreनई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण की भयावह स्थिति और बिगड़ते वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) को लेकर दिल्ली सरकार व केंद्र सरकार को फटकार लगाई।
केंद्र व दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए न्यायमूर्ति एके गोयल की अध्यक्षता वाले ट्रिब्यूनल की प्रधान पीठ ने कहा कि सरकार इसको नियंत्रित करने में सक्षम क्यों नहीं है?..अब हम यहां, वहां दौड़ रहे हैं और कोई प्रभावी प्रयास अभी तक नहीं किया जा रहा है। ट्रिब्यूनल ने कहा कि भारत सरकार को देश में पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए सर्वोत्तम समाधान खोजना चाहिए।
अपनी तरफ से समाधान का सुझाव देते हुए पीठ ने कहा कि प्रदूषण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए डॉक्यूमेंटरीज व फिल्म का इस्तेमाल करें। दूरदर्शन का उपयोग करें। पराली जलाने के खतरों के बारे में किसानों को शिक्षित करने के लिए स्वयं सहायता समूह (एसजीएच) बनाएं।
केंद्र ने कोर्ट से कहा कि इमरजेंसी जैसे हालात से निपटने के लिए प्रयास जारी है, जिसकी उच्चतम स्तर पर निगरानी हो रही है। इसमें कहा गया कि धूल से निपटने के लिए पानी के छिडक़ाव और शहर में हरियाली की जरूरत है। इस पर जवाब देते हुए पीठ ने कहा, ये कदम अच्छी तरह से ज्ञात है और उपाय भी है, लेकिन सवाल ये हैं कि क्या यह सब किया जा रहा है।
साभार-khaskhabar.com













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