देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreकभी अकेला चलना पड़ें तो भयभीत मत होना क्योंकि श्मशान, शिखर, सिंहासन पर व्यक्ति अकेला ही होता है। इसलिए अपने कर्मों को ठीक रखें क्योंकि पता नहीं कब किसी वक्त बुलावा आ जाए क्योंकि काल पल भर नहीं देता। और वापस आके फिर इस नरक भूमि में भोगना पड़ता है। #हरिबोल













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