देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreकोरोना के चलते तीर्थ यात्री धर्मस्थलों दूर हो गये हैं। मंदिरों के भी पट बंद हैं। इस स्थिति को करीब पांच महीने का समय हो चला है। आगे कब तक हालात ऐसे ही बने रहेंगे इस बारे में भी कुछ कहा नहीं जा सकता है। धर्म नगरी के तीर्थ पुरोहितों की सरकार के प्रति नाराजगी बढती जा रही है।
तीर्थ पुरोहित महासंघ ने मांग की है कि जब सरकार सभी वर्गों के लिए राहत पैकेज की घोषणा कर रही है तो हमें इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है। बृजमण्डल अध्यक्ष लालजी भाई शास्त्री ने बताया कि तीर्थ पुरोहितों के परिचय पत्रों का नवीनीकरण किया गया है।
बृजमण्डल के प्रभारी अजय चतुर्वेदी ने बताया कि ब्राह्मणों के अलावा अन्य जाति व धर्म के लोग इस कार्य में अवैध रूप से लगे हैं। उनकी रोक थाम के लिये यह परिचय पत्र बनाये गये हैं। पर्यटन विभाग व प्रशासन को इस प्रक्रिया से अवगत करा कर ही यह व्यवस्था कई वर्ष पूर्व में लागू की गयी थी।
ब्रजमण्डल महामंत्री पंडित अमित भारद्वाज ने कहा कि कोविड-19 के चलते तीर्थ यात्रियांे के भविष्य में तीर्थों में न आने से तीर्थ पुरोहितों के समक्ष बनी आर्थिक समान्या के समाधान एवं उन्हें राहत पैंकेज मांग को राष्ट्रीय पदाधिकारों का प्रतिनिधि मण्डल राष्ट्रीय महामंत्री प्रयागनाथ चतुर्वेदी के नेतृत्व में उपर तक पहुंचाया गया है। महानगर महामंत्री यज्ञदत्त चतुर्वेदी, बृजमण्डल इकाई के विवेक उपाध्याय, महानगर अध्यक्ष पंकज चतुर्वेदी ने भी सरकार से तीर्थपुरोहितों के लिए राहत पैकेज की मांग की है।













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