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Read Moreमुंबई/नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंबई में 15 घंटे से भी ज्यादा लंबे समय तक पूछताछ करने के बाद यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को देर रात 3 बजे गिरफ्तार कर लिया। राणा को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया। ईडी ने राणा से लेन-देन सहित उनके परिवार की कंपनियों और डीएचएफएल के बीच हुए ट्रांजेक्शन पर भी सवाल पूछे।
62 वर्षीय राणा कपूर पर वित्तीय लेन-देन में अनियमितता और यस बैंक के मैनेजमेंट में गड़बड़ी का आरोप है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने यस बैंक के खातों की कमजोर हालत देखकर उसे निगरानी में डाल दिया था और बैंक के ऑपरेशन को कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। यस बैंक की देशभर में 1000 से अधिक शाखाएं और 1800 से अधिक एटीएम हैं।
ईडी ने शनिवार को जांच का दायरा बढ़ाते हुए राणा की तीन बेटियों राखी, रोशनी और राधा के घरों पर भी छापेमारी की। उन्हें घोटाले की कथित लाभार्थी माना जा रहा है। एजेंसी इस कार्रवाई से पहले राणा को अपने मुंबई स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए लेकर आई थी। ईडी आज राणा को स्थानीय अदालत के सामने पेश कर उनकी कस्टडी ले सकती है। ईडी ने शुक्रवार रात को राणा के आवास पर छापेमारी की थी और मुंबई में उनके समुद्र महल स्थित आवास पर भी पूछताछ की। ईडी के अधिकारियों ने कहा कि राणा से रातभर पूछताछ की गई और बीच में आराम का कुछ समय दिया गया। जांच से जुड़े ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) को यस बैंक द्वारा दिए गए ऋणों के बारे में पूछताछ की गई।
तलाशी के दौरान बहुत से भ्रामक दस्तावेज पाए गए। एजेंसी उसके डीएचएफएल के प्रमोटरों और अन्य कंपनियों के साथ संपर्कों को लेकर पूछताछ करना चाहती है। एक कंपनी को ऋण देने में राणा की कथित भूमिका और उनकी पत्नी के बैंक खाते में कथित तौर पर मिली खामियां भी जांच के दायरे में हैं। राणा के खिलाफ एक लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया था, ताकि वह देश से बाहर न भाग सके। पूर्व एसबीआई सीएफओ प्रशांत कुमार को यस बैंक का प्रशासक नियुक्त किया गया है
साभार-khaskhabar.com












