देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreजयपुर । राजस्थान में राज्यसभा चुनाव के दौरान विधायकों की खरीद- फरोख्त से जुड़े मामले को लेकर राजस्थान एसओजी ने एफआईआर दर्ज की है । एसओजी ने भाजपा के दो नेताओं को गिरफ्तार किया है। एक नाम अशोक सिंह जो उदयपुर का रहने वाला है, जबकि दूसरे का नाम भरत मालानी है, यह ब्यावर का रहने वाला है। पेशे से यह दोनों खनन व्यापारी बताये जा रहे है।
आपको बता दे कि राज्यसभा चुनाव से पहले 9 जून को सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने एंटी करप्शन ब्यूरो को यह शिकायत दी थी कि सूबे में सरकार को अस्थिर करने की साजिश चल रही है और दिल्ली से विधायकों से संपर्क कर उनको प्रलोभन दिया जा रहा है। विधानसभा के मुख़्य सचेतक महेश जोशी की लिखित शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एसओजी ने एफआईआर दर्ज की है । एफआईआर में यह बात आई सामने आई है कि दो मोबाइल नम्बरों में हुई बातचीत में प्रकट होता है कि वर्तमान में स्थापित राज्य सरकार को गिराने का प्रयास किया जा रहा है। बातचीत में ऐसी वार्ता की जा रही है कि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री में झगड़ा चल रहा है। ऐसे स्थिति में सत्ता पक्ष कांग्रेस पार्टी और निर्दलीय विधायकों को तोड़कर सरकार गिराई जाए। सूत्र सूचना से यह भी जानकारी में आया है कि कुशलगढ़ विधाक रमीला खाडिया को एक भाजपा नेता द्वारा धन का प्रलोभन देकर अपने पक्ष में करने का प्रयास किया जा रहा है। महेन्द्रजीत सिंह मालवीय के संबंध में भी वार्ता करते है कि पहले वो उप मुख्यमंत्री के पाले में थे, अब उन्होंने पाला बदल लिया है। कांग्रेस विधायकों और निर्दलीय विधायकों को 2-25 करोड़ रुपए के प्रलोभन की जानकारी भी सूत्रों से प्राप्त हुई है।
इन नम्बरों की वार्ता में सामने आया कि वर्तमान सरकार को गिराकर नया मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। लेकिन भाजपा का कहना है कि मुख्यमंत्री हमारा होगा और उप मुख्यमंत्री को केन्द्र में मंत्री बना दिया जाएगा। लेकिन उप मुख्यमंत्री का कहना है कि मुख्यमंत्री वो बनेगा। यह भी इन वार्ताओं में जिक्र आया है। राज्यसभा चुनाव से पहले सभी विधायकों के इकट्ठे किए जाने पर वार्ता करते है कि 25-25 करोड़ वाला मामला अब फिस्स हो चुका है।
यह भी बातचीत से पता चला कि राज्यसभा चुनाव से पहले भाजपा द्वारा विधायकों को 25-25 करोड़ रुपए के प्रलोभन देकर खरीदने की बात कही थई। इस संबंध में मुख्य सचेतक महेश जोशी ने परिवाद दिया था। परिवाद में वर्तमान कांग्रेस सरकार के विधायकों और इसको समर्थन दे रहे विधायकों को प्रलोभन देकर राज्यसभा चुनाव में वोटिंग को प्रभावित करने व सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे है। उप मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के संबंध में वार्ता करते है कि बड़े बड़े राजनैतिक फैसले दिल्ली में हो रहे और 30 जून के बाद घटनाक्रम तेजी से बदलेगा। वार्ता में सामने आया कि वर्तमान सरकार को गिराकर नई सरकार का गठन करवा कर ये लोग 1000-2000 करोड़ रुपए कमा सकते है।
साभार-khaskhabar.com












