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शादी के 30 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना होगा अनिवार्य,वर्ना लगेगा जुर्माना

शादी के 30 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना होगा अनिवार्य,वर्ना लगेगा जुर्मानानई दिल्ली । मोदी सरकार जल्द ही शादी के रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य करने के लिए नया कानून ला सकती है। खबर है कि लॉ कमिशन ने शादी रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य करने के लिए केंद्र सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी है, जिसको आधार बनाकर केंद्र सरकार इस ओर जल्द ही कदम बढ़ा सकती है। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने देश में शादियों के रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य बनाने की बात कही थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद हिमाचल प्रदेश, केरल, बिहार और उत्तर प्रदेश सरकारें इसे लागू कर चुकी हैं। लॉ कमिशन के चेयरमैन जस्टिस बीएस चौहान की अगुवाई में कमिशन ने लॉ मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपी है।

इसमें कहा गया है कि बर्थ और डेथ रजिस्ट्रेशन ऐक्ट के प्रावधान में शादी के रजिस्ट्रेशन के प्रावधान को शामिल किया जाए। इसके लिए अलग से लॉ की जरूरत नहीं है। बर्थ और डेथ रजिस्ट्रेशन ऐक्ट के तहत ही कानून में प्रावधान कर शादी का रजिस्ट्रेशन हो और तमाम तरह के परंपरागत शादी, मैरेज ऐक्ट, पर्सनल लॉ आदि के दायरे में होने वाली शादी का रजिस्ट्रेशन किया जाए। लॉ कमिशन ने अपनी 270 वीं रिपोर्ट में कहा है कि तमाम कानून के बावजूद बहु-विवाह, बाल-विवाह जैसी समाजिक बुराइयां मौजूद है ऐसे में शादी के रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता को लेकर विचार किया जाए। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि तमाम प्रयास किया गया बावजूद इसके चाइल्ड मैरेज, बहु-विवाह और जेंडर हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयां जारी है। फैमिली लॉ, कस्टम और परंपराओं में विभिन्नताओं को देखते हुए लॉ कमिशन ने प्रयास किया है कि एक ऑल इंडिया फ्रेमवर्क के तहत सभी तरह की शादियों को रजिस्टर्ड किया जाए चाहे जिस विधि से शादी हुई हो। दुनिया के कई देशों में शादी अनिवार्य है। भारत में विविधताओं के कारण ऐसा नहीं हो पाया है। बर्थ और डेथ रजिस्ट्रेशन ऐक्ट के तहत जिस रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी है उसी रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी है कि वह शादी को रजिस्टर्ड करेगा। साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि कानून में प्रावधान होना चाहिए कि रजिस्ट्रेशन में अगर देरी होगा तो फिर लेट फीस भी लगेगी। इसके लिए प्रावधान दिया गया है कि शादी के एक महीने में रजिस्ट्रेशन कराना होगा साथ ही संबंधित अथॉरिटी की इजाजत से एक साल का वक्त लिया जा सकता है। लेकिन बिना ठोस कारण रजिस्ट्रेशन में देरी होने पर प्रति दिन 5 रुपये की पेनाल्टी लगाई जाए। आपको बता दें कि कुछ राज्यों ने शादी रजिस्टर्ड करने के लिए वेब पोर्टल शुरू किया है। ताकि ऑनलाइन शादी रजिस्टर्ड हो सके। लेकिन जरूरी है कि सेंट्रलाइज्ड नैशनल पोर्टल हो। ताकि रेकॉर्ड रखने में आसानी हो। लॉ कमिशन ने कहा है कि फॉर्म हर भाषा में उपलब्ध होना चाहिए ताकि लोग आसानी से पोर्टल का लाभ उठा सकें।

साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

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