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होटल उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए उठाया गया है कदम

मथुरा। होटल उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए जनपद के अवर्गीकृत होटल, लाॅज, गेस्ट हाउस, पेइंगगेस्ट हाउस का विवरण पर्यटन पोर्टल पर दर्ज होगा। हाॅस्पिटैलिटी सेक्टर के अन्तर्गत होटल उद्योग को प्रोत्साहन दिए जाने के लिए सभी अवर्गीकृत,  होटलों, लाॅजों, गेस्ट हाउसों, पेइंग गेस्ट हाउसों, बेड एण्ड ब्रेकफास्ट, होम स्टे आदि अन्य आवासीय ईकाइयों को केन्द्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय के पोर्टल पर विवरण दर्ज कराएं जाने के निर्देश दिए है।

पर्यटन मंत्रालय ने प्रदेश सरकार को भी निर्देश दिए है कि अवर्गीकृत इन संस्थाओं का विवरण संकलित कराया जा कर पोर्टल पर विवरण दर्ज कराएं।
 यह जानकारी अत्यधिक महत्वपूर्ण है कि अपलोड हुईं प्रत्येक आवासीय ईकाई को पोर्टल पर एक रजिस्ट्रेशन नम्बर प्रदान किया जा रहा है तथा होटलों आदि आवासीय ईकाइयों के अपलोड कराने की सतत् प्रक्रिया अभी भी जारी है। जानकारी देते हुए बताया कि पर्यटकों को भ्रमणार्थ तीन मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता होती है जैसे आवास, जलपान एवं मार्गीय सुविधा, जो पर्यटन उद्योग के अन्तर्गत आते है। पर्यटन विभाग का प्रमुख उद्देश्य पर्यटकों हेतु उक्त सुविधाओं को प्रदान किया जाना है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलें तथा पर्यटन स्थलों का विकास एवं प्रचार-प्रसार हो सकें। उन्होंने बताया कि प्रदेश व जनपद के विभिन्न अवर्गीकृत   होटल, लाॅजों, गेस्ट हाउसों, पेइंग गेस्ट हाउसों, बेड एण्ड ब्रेकफास्ट, होम स्टे आदि अन्य आवासीय ईकाईयां जो अभी तक पोर्टल पर पंजीकरण करने से वांछित रह गयी हैं, वे ईकाईया स्वयं अपने स्तर से भारत सरकार के पोर्टल पर अपने आवास गृह को पंजीकृत कर सकते हैं।


पर्यटन विभाग के पास सभी आवास गृहों की संकलित सूचना होने से भविष्य में होटल उद्योग के लिए कारगर रणनीति बनाया जाने तथा उसका प्रचार प्रसार किये जाने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि नेशनल डाटा बेस के अन्तर्गत पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार के पोर्टल पर पूरे देश में अभी तक लगभग 22 हजार से अधिक आवासीय ईकाइयां अपलोड हो चुकी हैं तथा उत्तर प्रदेश की 2,380 आवासीय ईकाइयां इस पोर्टल पर अपलोड हो चुकी हैं। डीके शर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी

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