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रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला ने अमृतसर के गुरु नानक मेडिकल अस्पताल को 1,210 किलोग्राम ऑक्सीजन की आपूर्ति की

कोरोना महामारी के बीच ऑक्सीजन की कमी से निपटने के लिए भारतीय रेलवे की रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ) कपूरथला ने आज अपने भंडारण से अमृतसर के गुरु नानक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को 1,210 किलोग्राम लिक्विड ऑक्सीजन सप्लाई की। ज्ञात हो, आरसीएफ में 3 कि.मी. का तरल ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक लगा हुआ है, जिसका उपयोग अर्गोमिक्स बनाने के लिए स्टेनलेस स्टील के कंपोनेंट्स के निर्माण में किया जाता है। 

 
बताना चाहेंगे, रेल मंत्री पीयूष गोयल के निर्देश पर कोरोना संकट के बीच ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए भारतीय रेलवे ने कई कदम उठाये हैं। इससे पहले भी भारतीय रेलवे ने ऐसे कदम उठा चुकी है। यदि कोरोना की पहली लहर की बात करें तो उस वक्त में भी कोरोना के खिलाफ भारत की लड़ाई में भारतीय रेलवे ने अहम योगदान दिया था, और इस बार भी रेलवे ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है।

ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए देश में चलाई गई ऑक्सीजन एक्सप्रेस

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच हर राज्य में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रेलवे ने 19 अप्रैल की शाम को भारतीय रेलवे के कलमबोली यार्ड से ऑक्सीजन एक्सप्रेस को रवाना किया। रेल मंत्रालय के अनुसार इनका उद्देश्य महाराष्ट्र से चलकर विशाखापत्तनम, जमशेदपुर, राउरकेला, बोकारो से ऑक्सीजन उठाना है। रेलवे ने यह भी बताया कि टेक्निकल ट्रायल पूरा होने के बाद खाली टैंकरों को कलमबोली/बोइसर से मुंबई भेजा जाएगा और फिर वहां से वाइजैग यानि विशाखपत्तनम, जमशेदपुर, राउरकेला और बोकारो भेजा जाएगा। वहां इन टैंकरों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन भरी जाएगी। बता दें, रेलवे उत्तर प्रदेश सरकार के निवेदन पर जल्द ही दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस भी शुरू करने जा रही है। 

16 जोन में रेलवे के 4 हजार से अधिक आइसोलेशन कोच हैं उपलब्ध

भारतीय रेलवे ने 16 रेलवे जोन में कुल 4,002 आइसोलेशन कोच उपलब्ध कराए हैं, जो जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार को सौंप दिए जाएंगे। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने 21 अप्रैल को ट्वीट कर बताया कि भारतीय रेल द्वारा दिल्ली के शकूर बस्ती में 50 और आनंद विहार में 25 कोविड केयर कोचों में कुल 1,200 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। इन्हें आइसोलेशन या ऑक्सीजन बेड्स की तरह उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा कोविड-19 रोगियों के लिए महाराष्ट्र के नंदुरबार में बनाए गए आइसोलेशन कोचों में मरीजों को भर्ती शुरू हो गई है। नंदुरबार के इन कोचों में तापमान को कम करने के लिए लेयर्ड गनीस और वाटर ड्रिप सिस्टम लगे हैं।

इस बार भी प्रवासी श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने की ली है जिम्मेदारी 

भारतीय रेलवे ने एक बार फिर प्रवासी श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने की बड़ी जिम्मेदारी ले ली है। 21 अप्रैल से 3 दिनों तक दिल्ली से बिहार के लिए 5 विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इससे दिल्ली में एक सप्ताह के कर्फ्यू के बीच बिहार और अन्य पूर्वी राज्यों की ओर यात्रा करने वालों को काफी राहत मिली है। इसके साथ ही भारतीय रेलवे यात्रियों को हर समय मास्क पहनने को लेकर जागरूक करने के लिए स्टेशनों पर जागरूकता अभियान चला रही है, ताकि स्टेशन परिसर और ट्रेनों में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोका जा सके।
 

नारद संवाद

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