BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

कोच्चि मेट्रो के 9 किन्नर कर्मचारियों ने छोड़ी नौकरी, बताई यह वजह

कोच्चि मेट्रो के 9 किन्नर कर्मचारियों ने छोड़ी नौकरी, बताई यह वजहकोच्चि । कोच्चि मेट्रो के 9 किन्नर कर्मचारियों ने एक सप्ताह के भीतर ही नौकरी छोड़ दी है। किन्नरों का कहना है कि कोच्चि मेट्रो की ओर से मिल रही तनख्वाह से गुजारा नहीं हो रहा है और शहर में चीजें बहुत महंगी हैं। आपको बता दें कि मेट्रो प्रशासन ने जब 21 किन्नरों को नौकरी देने का फैसला किया था, तब सभी ने दिल से इस फैसले की तारीफ की थी। लेकिन समस्याओं के कारण मेट्रो शुरू होने के एक हफ्ते बाद ही इनमें से 9 किन्नरों ने नौकरी करने से मना कर दिया।

कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड (केआरएमएल) प्रशासन ने शनिवार को इस मसले पर जिला कलेक्टर और सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट से मुलाकात की और किन्नर कर्मचारियों के लिए सस्ती और वहन करने योग्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। कोच्चि मेट्रो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हमारे मैनेजिंग डायरेक्टर ने कलेक्टर से बात की है। इसके साथ ही हम लोग प्राइवेट पार्टियों और सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट से मिल कर उनके लिए व्यवस्था बना रहे हैं। बता दें कि टिकटिंग सेक्शन में काम कर रहे लोगों को 10,500 रुपए प्रति माह बतौर तनख्वाह मिलती है, जबकि हाउसकीपिंग में लगे लोगों को 9000 रुपए प्रति माह तनख्वाह मिलती है, जबकि काम के घंटे 8 घंटे होते हैं।

टिकटिंग अधिकारी शीतल श्याम ने बताया कि कई सारे घर किराए पर उपलब्ध हैं, लेकिन मकान मालिक किन्नरों को देने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसी स्थिति में 600 रुपए रोजाना के हिसाब से लॉज में रहना पड़ रहा है। रहने के लिए मकान का न मिल पाना अप्रत्याशित मुद्दा है।   

साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More