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नई दिल्ली । वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद द्वारा कोयले पर कर की दर 5 फीसदी रखे जाने की प्रशंसा करते हुए कोयला और बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि इस कदम से बिजली वितरण कंपनियों (डिसकॉम्स) को किफायती दर पर बिजली मुहैया करा सकेंगी। कोयले पर वर्तमान में 11.69 फीसदी की दर से कर लगता है।
गोयल ने यहां कहा, जीएसटी शासन को देशभर में लागत में कमी लाने, भ्रष्टाचार को कम करने तथा एक देश एक कर की दर को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। मुझे खुशी है कि जीएसटी परिषद ने कोयले को 5 फीसदी के स्लैब में रखा है। इससे बिजली के दाम घटेंगे। गोयल नई और नवीकरणीय ऊर्जा और खनन विभाग के मंत्री भी हैं। उन्होंने सोलर मॉडयूल पर 18 फीसदी कर की दर के बारे में कहा कि इससे सौर ऊर्जा के टैरिफ पर असर नहीं होगा।
इस संबंध में उन्होंने कहा, परियोजना की दर अलग-अलग परियोजनाओं पर निर्भर करती है। इससे भ्रष्टाचार में कमी तथा परिचालन संबंधी कठिनाइयों के घटने से सौर ऊर्जा के टैरिफ को कम रखने में मदद मिलेगी। गोयल ने यह भी कहा कि पिछले तीन सालों में देश में बिजली की मांग 6.5 फीसदी बढ़ी है और बिजली उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
साभार-khaskhabar.com













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