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जिलाधिकारी ने मुड़िया मेला को निरस्त करने के आदेश किए जारी

मथुरा। लगातार दूसरे साल उत्तर भारत का सबसे बडा वार्षिक मेला आयोजित नहीं किया आएगा। जिलाधिकारी मथुरा नवनीत सिंह चहल ने करोडी कहे जाने वाले गोवर्धन के मुडिया मेला को निरस्त करने के आदेेश जारी कर दिये हैं।


24 जुलाई को सनातन गोस्वामी के अनुयाई संत श्रीराधा श्याम सुंदर मंदिर चकलेश्वर गोवर्धन से 463वीं बार मुड़िया शोभा यात्रा भजन संकीर्तन के साथ निकालेंगे। मुड़िया पूर्णिमा के दिन 21 किमी परिक्रमा मार्ग में पांच दिनों तक अटूट मानव श्रृंखला मिनी विश्व का नजारा पेश करती आई है।

लेकिन इस बार कोरोना के कारण मेला नहीं लगेगा। इस वर्ष 463वां मुड़िया महोत्सव मनाया जाएगा। अनुयायी मुड़िया संत रामकिशन दास ने बताया कि इस बार कोरोना के चलते प्रमुख संत मंदिर में एकत्र होकर सिर मुड़वाएंगे, उसके बाद मानसी गंगा में स्नान कर सनातन गोस्वामी के चित्र के साथ हरिनाम संकीर्तन करते हुए मानसीगंगा की परिक्रमा लगाएंगे।


 डीएम ने यह फैसला उनके द्वारा गठित टीम की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया। डीएम ने बताया कि राजकीय मुड़िया पूर्णिमा मेला गोवर्धन में आषाढ़ माह की एकादशी पर लगता है। जिसमें देश विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

इस बार यह यह मेला 20 से 24 जुलाई तक लगना था।
विगत दिनों डीएम नवनीत सिंह चहल ने मुड़िया मेला लगे या नहीं इसकी पड़ताल करने के लिए एक समिति का गठन किया था। इस समिति में चिकित्सा अधीक्षक गोवर्धन, सीओ गोवर्धन, एसडीएम गोवर्धन व एडीएम प्रशासन शामिल थे। समिति ने दानघाटी, मानसी गंगा, मुखारबिंद व जतीपुरा के सेवायतों, संत-धर्माचायों से वार्ता की गई। सभी ने मेला निरस्त किए जाने का अनुरोध किया।

समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी।
डीएम ने बताया कि चूंकि इस समय प्रदेश सरकार की कोरोना गाइड लाइन के अनुसार ही बाजार व अन्य जगह खोली गई हैं, जिनमें एक स्थान पर 50 लोगों से अधिक लोग एकत्र नहीं हो सकते। ऐसे में लाखों लोगों से गाइड लाइन का पालन करना संभव नहीं है। इसलिए मुड़िया पूर्णिमा मेला को लोक स्वास्थ्य व जनहित में निरस्त किया जाता है।


मुड़िया संत रामकिशन दास ने बताया कि इस बार कोरोना के चलते प्रमुख संत मंदिर में एकत्र होकर सिर मुड़वाएंगे, उसके बाद मानसी गंगा में स्नान कर सनातन गोस्वामी के चित्र के साथ हरिनाम संकीर्तन करते हुए मानसीगंगा की परिक्रमा लगाएंगे।

 

नारद संवाद

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