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इलाहाबाद । जाने-माने बिजनेस मैनेजमेंट एक्सपर्ट व सोशलिस्ट ऋषि बगरी ने सीबीएसई बोर्ड की बारहवीं के फिजिकल एजुकेशन की किताब का कंटेंट सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। जो पहली नजर में ही विवादित बन गया है। पोस्ट किये गये कंटेंट में लिखा है कि जिन लड़कियों का फिगर 36,24,36 होता है वो सबसे बेस्ट होती हैं। इस किताब को डा. वीके शर्मा ने लिखा है और वर्तमान में यह बारहवीं के बच्चों को पढा़ई जा रही है। इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर बखेड़ा खड़ा हो गया है। लोग ताबड़तोड़ रीट्वीट व कमेंट कर शिक्षा के नाम पर इसे अश्लीलता परोसी जाने की बात कह रहे हैं। वहीं एक-दो यूजर ने इसे सही माना और कहा कि इसमें गलत क्या है। जबकि अधिकांश तौर पर लोगों ने इसे निशाने पर लिया और कड़े शब्दों में निंदा करते हुये एचआरडी मिनिस्टर से तत्काल कार्रवाई की मांग की । कईयों ने तो बोर्ड को फटकार लगाते हुये कहा कि जाने क्या बच्चों को सिखाया जा रहा है । लोगों ने इस किताब को विषय पाठ्यक्रम में शामिल करने वाले पर भी सवाल उठाये हैं कि ऐसी किताब को स्वीकृति कैसे दे दी गई।
आखिर क्या सिखाना चाहता है सीबीएसई
लोगों का सीधा सा सवाल है कि सीबीएसई अपने बच्चों को ऐसे कंटेंट से आखिर सिखाना क्या चाह रही है। बच्चे तो स्कूल में जो सीखते हैं वहीं मानेंगे भी और यह बच्चों की सोच का हिस्सा बन जायेगा। शिक्षाविदों का मानना है कि विचारों से हमारी शिक्षा झलकती है। लेकिन अब बच्चों की किताबों में ऐसी बातें लिखी जायेंगी और उसका वह अध्ययन - मनन करेंगे तो क्या होगा। फिजिकल एजुकेशन के नाम पर सही शिक्षा को गलत दिशा दी जा रही है। सोशल मीडिया पर किताब का कुछ हिस्सा ही सामने आया हैं अब अंदर और क्या क्या होगा यह तो पढने के बाद सामने आयेगा। लेकिन एक बात तो तय हैं यह कंटेंट सीबीएसई की बारहवीं के फिजिकल एजुकेशन की किताब का हैं जो वायरल होने के साथ बडे विवाद को जन्म दे रहा है। क्या कहते हैं शिक्षक
इलाहाबाद के सीबीआई बोर्ड के एक स्कूल के शिक्षक से बात करने पर पता चला कि किताब को न्यू सरस्वती हाउस ने पब्लिश किया है और इसे सीबीएसई के 12वीं क्लास के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। दरअसल किताब में सवाल है कि किस शेप की महिलाएं सबसे बेस्ट होती हैं ?, इसके जवाब में 36,24,36 फिगर वाली महिला को बेस्ट बेस्ट बताया गया है। अगर आप गौर करें तो मिस वर्ल्ड या मिस यूनिवर्स जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में सौंदर्य के साथ बॉडी औऱ फिगर को भी कंसिडर किया जाता है। क्योंकि इस फिगर के लिये बहुत मेहनत की जाती है। किताब में यही बातें मुख्य हैं और यह पुरुष और महिलाओं के शारीरिक अंतरों के बारे में ही है। फिलहाल सोशल मीडिया पर इस समय इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ चुकी है और बहुत संभव है मंत्रालय अब इस मामले में हस्तक्षेप करेगा।
साभार-khaskhabar.com













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