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जीडीपीआर कानून से देश में साइबर सुरक्षा नौकरियां बढ़ेंगी

जीडीपीआर कानून से देश में साइबर सुरक्षा नौकरियां बढ़ेंगीनई दिल्ली। देश में 2017 के जनवरी से 2018 के मार्च के बीच साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नौकरियों में 150 फीसदी की वृद्धि हुई। वहीं, इसी अवधि में डेटा सुरक्षा के क्षेत्र में नौकरियों में 143 फीसदी की वृद्धि हुई है, जबकि इस क्षेत्र में नौकरियों की तलाश करनेवालों की संख्या में 188 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। दुनिया की अग्रणी जॉब साइट इनडीड डॉट कॉम ने यह जानकारी दी है। 

कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि यूरोप में जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन (जीडीपीआर) कानून लागू होने से भारत में कंपनियों को अपने डेटाबेस को सुरक्षित बनाने का प्रोत्साहन मिला है, जिससे साइबर सुरक्षा और निजता पेशेवरों की मांग बढ़ी है। इसके अलावा देश में साइबर अपराधों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि ने डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पेशेवरों के लिए ढेर सारी नौकरियां पैदा की हैं। 

साइबरसिक्युरिटी जॉब्स रिपोर्ट 2018-2021 के मुताबिक, अगले पांच सालों में साइबर अपराध की संख्या तीन गुनी हो जाएगी और इस क्षेत्र में इसी हिसाब से नई नौकरियां पैदा होंगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि बेंगलुरू में सूचना प्रौद्योगिकी में उछाल के कारण देश की साइबर सुरक्षा से संबंधित 36 फीसदी नौकरियां यहीं पैदा होगी। इसके बाद मुंबई में 17 फीसदी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 12 फीसदी, पुणे में 9 फीसदी और हैदराबाद में आठ फीसदी नौकरियां पैदा होगी। 

इनडीड इंडिया के प्रबंध निदेशक सशी कुमार ने कहा, दुनिया भर में, साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या ने कंपनियों को मुकाबला करने के लिए सही प्रतिभा को भर्ती करने पर मजबूर कर दिया है। यही कारण है कि दुनिया भर की कंपनियां जीडीपीआर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कमर कस रही है। इस दौरान बड़े-बड़े प्रौद्यौगिकी दिग्गज पहले से ही इस अनुपालन के आसपास हैं। वहीं, मझोली और छोटी कंपनियां ही पेशेवरों की तलाश में हैं, ताकि वे नए कानून की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।

 

साभार-khaskhabar.com

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