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नई दिल्ली। सीबीआई छापेमारी के बाद आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के कुनबे की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही है। एक ओर बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव को सीबीआई द्वारा भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद सत्ताधारी महागठबंधन में उत्पन्न विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं, दूसरी ओर लालू प्रसाद के बड़े बेटे और बिहार सरकार में मंत्री तेज प्रताप यादव को कोर्ट ने तगड़ा झटका दिया है। तेज प्रताप यादव का पटना स्थित पेट्रोल पंप जब्त होगा।
अदालत के आदेश के बाद पेट्रोल पंप को सीजड करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने मोदी ने इस मामले में भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड में शिकायत दर्ज कराई थी और तेज प्रताप को आवंटित पेट्रोल पंप के लाइसेंस के को रद्द करने की मांग की थी। जांच के बाद भारत पेट्रोलियम ने तेज प्रताप यादव को आवंटित पेट्रोल पंप के लाइसेंस को रद्द कर दिया था, मगर लालू के बेटे तेज प्रताप ने भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप रद्द करने के आदेश पर निचली अदालत में याचिका डालकर से रोक लगवा दिया था।
लेकिन, गुरुवार को कोर्ट ने भारत पेट्रोलियम द्वारा तेज प्रताप यादव को आवंटित पेट्रोल पंप के लाइसेंस को रद्द करने के फैसले से रोक हटा ली। इससे यह साफ है कि लालू के तेज प्रताप यादव को आवंटित पेट्रोल पंप का लाइसेंस रद्द माना जाएगा। 2011 में पटना में बेउर जेल के पास एक पेट्रोल पंप के आवंदन के लिए तेजप्रताप ने आवेदन दिया था। उन्हें आवंटित उक्त पेट्रोल पंप के खिलाफ बीपीसीएल ने यह कार्रवाई चंद्रशेखर नाम के शख्स की शिकायत पर की थी जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि जिस जमीन के आधार पर इस पेट्रोल पंप का आवंटन तेजप्रताप को किया गया था, वह उनके नाम से नहीं है। भारत पेट्रोलियम के नियमों के मुताबिक डीलरशिप सिर्फ उन्हीं लोगों को दी जा सकती है जो बेरोजगार हैं या फिर जिनके पास आय का कोई दूसरा साधन नहीं है।
साभार-khaskhabar.com













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