देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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अहमदाबाद । गुजरात राज्य विद्यालय पाठ्य पुस्तक बोर्ड एक बार फिर से विवादों में घिर गया है। यहां चौथी कक्षा में पढ़ाई जा रही हिंदी की इस किताब में मुस्लिमों के पवित्र रोजे को एक संक्रामक रो बताया गया है। इस विवादित किताब में लिखा है कि इस रोग से दस्त और उल्टी होती है। रमजान के पाक माह में रखे जाने वाले उपवास को ‘रोजा’ कहा जाता है।
आपको बता दें कि इससे पहले विद्यालय पाठ्य पुस्तक बोर्ड की नौंवी की किताब में जीसस क्राइस्ट के बारे में अपमानजनक बात लिखी थी। हालांकि, बोर्ड इसे छपाई के दौरान हुई गलती बता रहा है।
यह तीसरी बार है जब ऐसा मामला सामने आया है। नौंवी की किताब में करीब 900 गलतियां थीं। पहले भी क्रिश्चन समाज ने भी इसका विरोध किया था। अब कई मुस्लिम गैर-सरकारी संगठनों और एनएसयूआई ने इस पर विरोध जताया है।
साभार-khaskhabar.com













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