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भूत की आवाज सुनकर पहले भागे मुखिया फिर भागे बच्चे, लेकिन....?

भूत की आवाज सुनकर पहले भागे मुखिया फिर भागे बच्चे, लेकिन....?इलाहाबाद । संगम नगरी में बांस की कोठ से भूत की आहट पर जमकर ड्रामा हुआ। आवाज सुनकर पहले बुजुर्ग मुखिया भाग खड़े हुये। फिर बच्चे भी भूत भूत कहकर भागने लगे। बाद में पुलिस पहुंची और मामला खुला तो लोगों ने राहत की सांस ली। दरअसल मानवता को शर्मसार करते हुये किसी ने नवजात बच्ची को पाॅलीथीन में लपेट कर बांस के कोठ में फेक दिया। लेकिन ईश्वर की मर्जी से बच्ची जिंदा रही और जब बच्चे बांस की कोठ के पास लुका छिपी का खेल खेलने लगे तो बच्ची की आवाज सुनकर डर गये। बच्चे भूत भूत कहते हुये गांव में भागे। पहले तो परिजनों ने डांटा। लेकिन कई बच्चों की बात सुनकर लोग भी सकते में आ गये। लाठी डंडा लेकर कुछ दिलेर युवा आगे बढे तो पूरे गांव की भीड़ बांस की कोठ पर एकत्रित हो गई । कोठ से सचमुच किसी के सुबकने की आवाज आ रही थी। लेकिन जब बांस की कोठ में ग्रामीण घुसे तो चौंक गये। एक पाॅलीथीन में लिपटे बच्चे की यह रोने की आवाज थी। जो भूख प्यास के चलते बिल्कुल बदल सी गयी थी। आनन फानन में पाॅलीथीन बाहर निकाली गयी तो उसमें से नवजात बच्ची मिली। जिसे संभवतः लोकलाजवश अथवा बेटी होने के कारण फेंक दिया गया था।

तमाशा देखा सबने, पर अपना कोई नहीं

घटना इलाहाबाद के यमुनापार इलाके की है। यहां के लालापुर गांव स्थित बास की कोठ में खून से लिपटी और पन्नी में कैद नवजात बच्ची मिली है। सैकड़ों की संख्या में तमाशबीन जुटे। सूचना पर पुलिस भी पहुंची। ग्रामीणों से कहा गया कि कोई बच्ची को अपना ले लेकिन बेटी को कोई आंचल न मिला। पुलिस ने बच्ची की बिगड़ती तबीयत व यतीम बेटी के लिये जब कोई मदद न पायी। तो आशा बहू मालती व शांति देवी को बुलाया गया। तब तक एम्बुलेंस भी आ गयी। बच्ची को प्राथमिक उपचार के लिए शंकरगढ़ सीएचसी ले जाया गया।

भूत देखने आये थे

आश्चर्य की बात है कि कुछ देर पहले ओठगी तरहार गांव के मुखिया भी किसी काम से जंगल की तरफ जा रहे थे। बांस के कोठ से आई आवाज उन्होंने भी सुनी और वह खुद भी उस आवाज को भूत समझ बैठे और घबराकर उल्टे पांव गांव वापस लौट गए। इसके कुछ देर बाद फिर यह घटना हुई जब दोपहर में बच्चे खेलते हुये बांस की कोठ में छिपने पहुंचे। यहां जब बच्चों ने सिसकारी सुनी तो वह डर कर भूत भूत चिल्लाने लगे। चूंकि गांव में पहले से ही यह अफवाह थी कि डांस की कोठ में भूत है। इसलिए बच्चे कुछ ज्यादा ही डर गये और देर रात तक घर में ही कैद रहे। बात गांव में फैली तो बांस के कोठ पर दो तीन गांवों के लोग तमाशबीन बनकर पहुंचे। जहां भूत के नाम पर नवजात बच्ची मिली। आश्चर्यजनक बात यह है कि सैंकड़ों की भीड़ में बच्ची के लिए शायद ही किसी ने अपनाने का जिक्र तक किया हो। घटना स्थल पर तो हर कोई भूत देखने आया था। सो भूत नहीं मिला तो बच्ची फेंकने वाले को बुरा-भला कहते हुये घर लौट गये।

क्या कह रही पुलिस 

लालापुर के थानेदार लक्ष्मण प्रताप ने बताया कि बच्ची के शरीर पर खून भी लगा हुआ था। ऐसा लग रहा था कि कुछ घंटे पहले ही उसका जन्म हुआ है। उसके परिजन ही उसे ऐसे यहां फेंक गये हैं। ग्रामीणों से उसे अपनाने की अपील की गयी। पर कोई आगे नही आया। बच्ची का इलाज कराने के लिये अस्पताल भेजा गया है। आलाधिकारियों को सूचना दी गई । उनके आदेशानुसार बच्ची की समुचित देखभाल के लिये किसी संस्था को दिया जायेगा।  

साभार-khaskhabar.com

 

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