देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मथुरा । बरसाने की प्रसिद्ध लठमार होली में अभी भले ही कुछ समय बाकी हो, लेकिन ब्रज नगरी में अब धीरे-धीरे होली की उमंग दिखने लगी है। मंदिरों में गुलाल उड़ना प्रारम्भ हो गया है, जो कुछ दिन बाद ही पानी के रंगों में परिवर्तित हो जाएगा। अपने अराध्य श्रीकृष्ण के साथ होली खेलने के लिए ब्रज में भक्तों ने भी डेरा डालना शुरु कर दिया है। बसंत पंचमी से शुरू होने वाली ब्रज की होली का रंग अब परवान चढ़ने लगा है। मंदिरों में भी विभिन्न आयोजनों के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। महाशिवरात्रि को बरसाना में निकलने वाली होली की प्रथम चौपाई से मुख्य होली की शुरुआत होगी, जो दाऊजी हुरंगा के बाद गोकुल की छड़ी मार होली पर पहुंचकर संपन्न होगी।
बरसाने की हुरियारिनों व नंदगांव के हुरियारों के बीच लठमार होली का आयोजन 6 मार्च को होगा। इससे पूर्व हुरियारे नंदबाबा मंदिर में आशीर्वाद के बाद पताका लेकर निकलेंगे और पीली पोखर पहुंचेंगे। यहां साज-सज्जा व ढाल कसने के बाद वे रसिया गाते हुए लाड़ली जी मंदिर की ओर बढे़ंगे। दर्शन के पश्चात वापसी में रंगीली गली में लठमार होली खेली जाएगी।
साभार-khaskhabar.com













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