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माननीयों के इंतजार सैनिक के शव के साथ ढाई घंटे बैठे रहे ग्रामीण

मथुरा। माननीयों के इंतजार में ग्रामीण सैनिक के पार्थिव शरीर के साथ ढाई घंटै बैठे रहे। जब विधायक और एसडीएम पहुंचे तो मुखग्नि दी गई। ग्रामीण किसी जनप्रतिनिध और अधिकारी के न पहुंचने से नाराज थे।  


महावन तहसील के पचावर निवासी सैनिक की मौत बिहार के कटिहार जिले में 11 अक्टूबर को हो गई थी। मौत की खबर सुनकर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार को सुबह करीब दस बजे गांव पचावर में हवलदार बादाम सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचा। बादाम सिंह (40 वर्ष) पुत्र राधेलाल निवासी पचावर तहसील महावन करीब 21 वर्ष पूर्व मद्रास रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। फिलहाल बिहार के कटिहार जिले में तैनात थे। बताया गया है कि आठ अक्टूबर को अचानक ब्रेन ऐमरेज हुआ। उन्हें एमएच में भर्ती कराया गया था। 11 अक्टूबर को दम तोड़ दिया। बादाम सिंह ने अपने पीछे पत्नी पिंकी, बेटी महक, बेटा माधव को छोडा है।


ग्रामीणों ने हवलदार बादाम सिंह को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग की लेकिन पार्थिव शरीर की अंत्येष्टि पर कोई क्षेत्रीय नेता एवं प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचे तो ग्रामीण एवं स्वजनों ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि देने से इंकार कर दिया। इनकी मांग थी कि जब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं आएगा तब तक पार्थिव शरीर को मुखाग्नि नहीं दी जाएगी।


करीब ढाई घंटे बाद क्षेत्रीय विधायक पूरन प्रकाश, एसडीएम महावन कृष्णानंद तिवारी, तहसीलदार महावन, थाना प्रभारी गांव पचावर पहुंचे। हवलदार बादाम सिंह के पार्थिव शरीर को उनके बेटे माधव ने  ढाई घंटे बाद मुखाग्नि दी। क्षेत्रीय विधायक पूरन प्रकाश ने बताया कि हवलदार बादाम सिंह के पार्थिव शरीर की जानकारी मिलते ही गांव पचावर पहुंचे। उन्होंने कहाकि कहा कि जो शासन द्वारा सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेगी उनके लिए हम तत्पर रहेंगे।

नारद संवाद

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