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देश के करोड़ों किसानों को ‘डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन’ से होगा लाभ : केंद्रीय कृषि मंत्री

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ‘डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन’ को लेकर केंद्र सरकार गंभीर है। कृषि क्षेत्र को जितना अधिक तकनीकी से जोड़ा जाएगा किसानों को उतना ही अधिक लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा राज्यों की मदद से इस साल के अंत तक आठ करोड़ से ज्यादा किसानों का डाटा बेस तैयार कर लिया जाएगा।

खेती को तकनीकी से जोड़ने पर उत्पादन व उत्पादकता बढ़ेगी
केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर ने मंगलवार को देशभर के किसानों व कृषि क्षेत्र के दीर्घकालीन समग्र विकास के लिए आयोजित मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों की वर्चुअल बैठक के दूसरे दिन संबोधित करते हुए कहा कि खेती को तकनीकी से जोड़ने पर उत्पादन व उत्पादकता बढ़ेगी, लागत कम होगी, पारदर्शिता आएगी और केंद्र व राज्य सरकारों की योजनाओं की ईमानदार पहुंच आम लोग और छोटे किसानों तक पूरी तरह हो सकेगी।

केंद्र सरकार दलहन-तिलहन-पाम आयल मिशन पर कर रही फोकस
तोमर ने कहा कि डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन से देश के करोड़ों किसानों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे, केंद्र व राज्य सरकारों की योजनाओं का सभी किसानों को हर तरह से लाभ मिलेगा। तोमर ने कहा कि केंद्र सरकार दलहन-तिलहन-पाम आयल मिशन पर फोकस कर रही है। इस अभियान में राज्य सरकारों को भी जुड़ना चाहिए।

एक लाख करोड़ रुपए का कृषि अवसंरचना फंड राज्यों के लिए बड़ा अवसर
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत घोषित एक लाख करोड़ रुपए का कृषि अवसंरचना फंड राज्यों के लिए बहुत बड़ा अवसर है, इतना फंड पहले कभी भी नहीं दिया गया। राज्य अधिकाधिक प्रोजेक्ट्स के जरिए इसका लाभ उठाएं। बैठक में पूर्वोत्तर के राज्यों ने केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किए राष्ट्रीय खाद्य तेल-पाम ऑयल मिशन की सराहना की व केंद्र को इसमें सहयोग व अपने स्तर पर इसके क्रियान्वयन का पूरा भरोसा दिया।

अधिकांश खाद्य उत्पादों के मामले में भारत दुनिया में पहले या दूसरे नंबर पर
उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश खाद्य उत्पादों के मामले में भारत दुनिया में पहले या दूसरे नंबर पर है। वैश्विक कृषि निर्यात में भारत टाप टेन में शामिल होकर नौवें स्थान पर आ गया है, इस स्थिति को राज्यों के साथ मिलकर बेहतर करना है। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए आजादी के अमृत महोत्सव पर हम अतीत से प्रेरणा लें, वर्तमान में संकल्प करें और इसके आधार पर भविष्य को गढ़े, सुंदर व प्रगतिशील बनाएं। कृषि क्षेत्र हमारी आवश्यकता व अर्थव्यवस्था की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी कृषि व गांवों की अर्थव्यवस्था देश के साथ मेरूदंड बनकर खड़ी रहती है।

पाम ऑयल किसानों को होगा अत्यधिक लाभ
आगे जोड़ते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में पिछले दिनों केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पाम ऑयल के लिए 11,040 करोड़ रुपए के एक नए राष्ट्रीय खाद्य तेल–पाम ऑयल मिशन(एनएमईओ-ओपी) की मंजूरी दी है, जिसका फोकस पूर्वोत्तर के क्षेत्रों तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर है। इसके माध्यम से खाद्य तेलों के आयात में कमी लाकर देश में ही खाद्य तेलों के उत्पादन में तेजी लाई जाएगी, जिसके लिए पाम ऑयल का रकबा व पैदावार बढ़ाना बहुत अहम है। इस मिशन से पाम ऑयल किसानों को अत्यधिक लाभ होगा, पूंजी निवेश बढ़ेगा, रोजगार सृजन होगा, आयात पर निर्भरता कम होगी और किसानों की आय में भी काफी वृद्धि होगी।

उल्लेखनीय है कि इस बैठक के दूसरे दिन पूर्वोत्तर सहित बारह राज्यों के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव (कृषि) और अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल शामिल हुए, वहीं केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे और कैलाश चौधरी केन्द्रीय मंत्री तोमर के साथ कृषि भवन में उपस्थित रहे।

नारद संवाद

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