BREAKING NEWS

दिल्ली : राहुल गांधी ने शुरू की ‘सत्याग्रह’ पहल, लोगों से मांगी अन्याय के खिलाफ संघर्ष की कहानी || दिल्ली : नशीले पदार्थों की तस्करी के सरगना नवप्रीत सिंह का प्रत्यर्पण, केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया- 'मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि' || पटना : बाढ़ प्रभावित इलाकों में वायुसेना का राहत अभियान, हेलीकॉप्टरों से 10 टन सामग्री पहुंचाई गई || जोधपुर : केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को जन्मदिन पर बधाईयों का तांता, पीएम मोदी समेत नेताओं ने दी शुभकामनाएं || उत्तर प्रदेश : हापुड़ में मुठभेड़ के बाद पांच अपराधी गिरफ्तार, पुलिस ने 55 लाख के सामान से भरे कैंटर लूट की घटना को सुलझाया

डिजिटल इंडिया : फास्टैग से होने वाला कर संग्रह जून में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

जैसे-जैसे कोरोना महामारी की दूसरी लहर का असर देश भर में कम हो रहा है, देश में आर्थिक गतिविधियां वापस से लय पकड़ने लगी हैं। लॉकडाउन में ढील और राजमार्गों पर यातायात की आवाजाही में वृद्धि होने के साथ, फास्टैग (Fastag) के जरिए होने वाला टोल संग्रह रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। 1 जुलाई 2021 को 63.09 लाख रुपये के लेनदेन के साथ, देशभर में फास्टैग के जरिए होने वाला टोल कलैक्शन 103.54 करोड़ रुपये हो गया है। आपको बता दें, फास्टैग के जरिए इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह देशभर में 780 सक्रिय टोल प्लाजा पर संचालित हो रहा है.

जून 2021 में टोल संग्रह बढ़कर 2,576.28 करोड़ रुपये हो गया, जो कि मई 2021 में वसूले गए 2,125.16 करोड़ रुपये से लगभग 21 प्रतिशत अधिक है।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी पहल, डिजिटल इंडिया (Digital India) आज जन-आंदोलन में बदल गया है। डिजिटल इंडिया को 1 जुलाई, 2021 को 6 साल पूरे हो गए हैं । ‘डिजिटल इंडिया’ के तहत सरकार ने टोल प्लाजा पर होने वाला लेनदेन को डिजिटल करने के लिए इस साल फरवरी में फास्टैग को लागू किया। इससे न सिर्फ समय की बचत हुई बल्कि ईंधन की बर्बादी पर भी रोक लगी।

96 प्रतिशत हो रहा फास्टैग का इस्तेमाल

लगभग 3.48 करोड़ उपयोगकर्ताओं के साथ, देशभर में फास्टैग का इस्तेमाल करीब 96 प्रतिशत तक हो रहा है और कई टोल प्लाजा पर इसका इस्तेमाल 99% तक होता है। एक अनुमान के मुताबिक, फास्टैग प्रतिवर्ष ईंधन पर लगभग 20,000 करोड़ रुपये की बचत करेगा, जिससे कीमती विदेशी मुद्रा की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण मे भी मदद होगी। राजमार्ग का उपयोग करने वालों द्वारा फास्टैग अपनाने से और इसकी निरंतर वृद्धि से सभी राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क प्लाजा पर प्रतीक्षा समय में काफी कमी आई है।

पिछले महीने आई थी गिरावट

मई के महीने में राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल कलेक्शन में गिरावट आई थी। रेटिंग एजेंसी इक्रा के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) पर टोल संग्रह मई के महीने 25-30 फीसदी गिरने की आशंका जताई थी। मार्च के मुकाबले अप्रैल महीने में भी टोल कलेक्शन में 10 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके पीछे की वजह कोरोना महामारी पर काबू पाने के लिए लगे लॉकडाउन को बताया गया, जिसकी वजह से आवाजाही बड़े स्तर पर प्रभावित हुई थी। अब जब लॉकडाउन हटाया जा रहा है, तो एक बार फिर से आवाजाही में बढ़ोतरी हुई है।

क्या है फास्टैग और कैसे करता है काम

देश के सभी नेशनल हाइवे पर टोल 15 फरवरी से कैशलेस हो गए हैं। वाहनों पर फास्टैग अनिवार्य है। फास्टैग एक स्टीकर है, जो आपकी गाड़ी के विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है। वाहन चालक, जब किसी भी नेशनल हाइवे पर यात्रा के दौरान टोल से गुजरते हैं तो वहां पर लगे स्कैनर गाड़ी पर लगे स्टीकर को डिवाइस रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक के जरिए स्कैन कर लेते हैं। दूरी के हिसाब से पैसे काट लिए जाते हैं। फास्टैग को रिचार्ज करना पड़ता इसकी वजह से वाहन को टोल पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसकी वजह से टोल पर वेटिंग टाइम में भी कमी दर्जी की गई है।

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More