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खदान में काम करने वाली पहली महिला उत्खनन इंजीनियर बनीं शिवानी, केंद्रीय मंत्री ने दी बधाई

वैसे तो हमारे देश की बेटियों ने काफी तरक्की कर ली है। सरकार चलाने में भागीदारी से लेकर आर्थिक, सामाजिक और खेल के मैदान में अपना दम दिखा रही हैं। फिर भी कुछ जगह आज भी ऐसी हैं जहां, महिलाओं के कदम नहीं पड़ें। लेकिन देश की बेटियां उस कमी को भी पूरी कर रही हैं और अपने कदमों के निशां बना कर अन्य बेटियों के लिए भी राह दिखा रही हैं। कुछ ऐसा कर दिखाया है कि शिवानी मीणा ने।

दरअसल हाल ही में केंद्रीय कोयला व खनन मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शिवानी मीणा को कोयला मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की प्रथम उत्खनन इंजीनियर बनने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि इससे महिला पेशेवरों के लिए खनन क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा शामिल होने का मार्ग प्रशस्त होगा। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने भी शिवानी की इस उपलब्धि के लिए उनकी सराहना की है।

खुली खदान में काम करने वाली पहली महिला इंजीनियर

शिवानी मीणा रजरप्पा परियोजना में एक उत्खनन इंजीनियर के रूप में शामिल हुई हैं, जो कि सीसीएल के रजरप्पा क्षेत्र में एक मशीनीकृत खुली खदान है। यह अपने आप में अभूतपूर्व है क्योंकि शिवानी उत्खनन कैडर की पहली महिला इंजीनियर हैं, जो एक खुली खदान में काम कर रही हैं।

 

शिवानी को मिली जिम्मेदारी

इंजीनियर शिवानी को हेवी अर्थ मूविंग मशीनरी (एचईएमएम) का रखरखाव और मरम्मत करने की जिम्मेदारी दी गई है। उल्लेखनीय है कि रजरप्पा सीसीएल की महत्वपूर्ण परियोजना है। कोयला मंत्रालय द्वारा हाल ही में रजरप्पा क्षेत्र को स्वच्छता अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया है।

आईआईटी जोधपुर से की हैं पढ़ाई

शिवानी राजस्थान के भरतपुर की मूल निवासी हैं और उन्होंने आईआईटी जोधपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। शिवानी अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को देती हैं और बताती हैं कि यह उनके परिवार का अटूट समर्थन था, जिसने उन्हें प्रेरित किया। वह आगे बताती हैं कि कोल इंडिया लिमिटेड में काम करना उनके वर्षों के कठिन परिश्रम का फल है और वे इस कंपनी में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान करना चाहती है।

नारद संवाद

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