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भेजे कृषि बिल पर प्रधानमंत्री को सुझाव

मथुरा। संसद में तीनो कृषि बिल के पारित हो चुके है। नए बिल के लागू होने के बाद लघु व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए फेडरेशन ऑफ आल इंडिया व्यापार मंडल (फैम) ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री को कुछ सुझाव भेजे है।


संगठन के जिलाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी पश्चिमी प्रदेश अजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि संगठन का सुझाव है कि सभी राज्यों में मंडी कर एवं उपकार  का पूरी तरह से समाप्त करना, दवाओं की तरह  ही खाद्यान्न के लिए उच्त्तम खुदरा मूल्य स्थापित करना, किसी भी विवाद के मामले में मध्यस्थता प्रणाली, एग्री कमोडिटी का एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट, केवल मांग एवं पूर्ति पर आधारित होना चाहिए, अन्य कृषि जिंसों के तरह गन्ने का भुगतान  भी तीन दिनों के भीतर होना चाहिए, मवेशियों को खिलाने और मुर्गी पालन के लिए कृषि उपज नए कानून के  दायरे से बाहर होना चाहिए, व्यापारियों द्वारा अग्रिम के रूप में किसानों को धन अग्रिम की सुरक्षा, निश्चित सीमा से ऊपर बड़े  किसानों पर आयकर के प्रावधान भी लागु होने चाहिए । फैम का  मत है यदि किसानो की आय बढ़ेगी ,आर्थिक स्थिति सुधरेगी , तो निश्चित रूप से व्यापारियों का व्यापार भी बढ़ेगा। किसान समुदाय एक बहुत बड़ा उपभोक्ता वर्ग है।

काली पट्टी बांधकर मंडी कारोबारियों ने किया विरोध
मंडी शुल्क को लेकर यूपी सरकार द्वारा अपनाई जा रही दोहरी नीति के खिलाफ मंडी कारोबारियों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को मंडी व्यापारियों ने काली पट्टी बांधकर यूपी सरकार का विरोध किया। मंडी कारोबारी विष्णु वार्ष्णेय, झम्मन गुप्ता, धर्मचंद अग्रवाल, करतार प्रधान, रोताश ठाकुर, दीनदयाल, प्रमोद अग्रवाल, ओमप्रकाश, ब्रज किशोर शर्मा, रामप्रकाश आदि ने मांग करते हुए कहा कि मंडी के अंदर से मंडी शुल्क पूरी तरह समाप्त किया जाए।

नारद संवाद

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