BREAKING NEWS

दिल्ली : राहुल गांधी ने शुरू की ‘सत्याग्रह’ पहल, लोगों से मांगी अन्याय के खिलाफ संघर्ष की कहानी || दिल्ली : नशीले पदार्थों की तस्करी के सरगना नवप्रीत सिंह का प्रत्यर्पण, केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया- 'मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि' || पटना : बाढ़ प्रभावित इलाकों में वायुसेना का राहत अभियान, हेलीकॉप्टरों से 10 टन सामग्री पहुंचाई गई || जोधपुर : केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को जन्मदिन पर बधाईयों का तांता, पीएम मोदी समेत नेताओं ने दी शुभकामनाएं || उत्तर प्रदेश : हापुड़ में मुठभेड़ के बाद पांच अपराधी गिरफ्तार, पुलिस ने 55 लाख के सामान से भरे कैंटर लूट की घटना को सुलझाया

हिस्ट्रीशीटर गोलीकांड के बाद सहमे हैं लोग

मथुरा। यमुनापार क्षेत्र में तनाव है। मंगलवार की देर शाम हिस्ट्रीशीटर को गोली मारे जाने की घटना के बाद लोग सहमे हुए हैं। इस का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि  तिराहे पर हुई घटना से बाजार में अफरा-तफरी मच गई।

लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। पुलिस के सुरक्षा के आश्वासन के बाद ही लोग अपने प्रतिष्ठान खोलने के लिए राजी हुए। बुधवार को पुलिस बल तैनात रहा। घटना के बाद लोगों लोगों के बीच अनहोनी की आशंका बनी घर किये हुए है। घायल हिस्ट्रीशीटर का आगरा में इलाज चल रहा है, जबकि एक आरोपित पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इससे पहले बसपा के पूर्व विधायक के परिजनों पर बाइक सवार हमलावरों ने फायरिंग कर दी थी। कई हत्याएं हुईं मामलों में पुलिस आत्महत्या, दुर्घटना बता कर मामलों को रफादफा करती रही।
मंगलवार की देर शाम
जमुनापर के लक्ष्मी नगर तिराहे के समीप सुभाष इंटर कॉलेज की भूमि और एक प्लॉट में ईंट की मंडी लग रही है। बताया जा रहा है कि इस ईंट मंडी से करीब आठ से दस हजार रूपये प्रतिदिन की उगाही होती है। इसमें आ रहे ट्रैक्टर चालक और ग्राहक से ट्रैक्टरों को खड़ा करने और ईंटों की बिक्री कराने की दलाली ली जाती है। कुआं गली निवासी श्याम सिंह और कृष्ण कुमार उर्फ कीर्ति के बीच सुभाष नगर में लग रही इसी ईंट मंडी से उगाही को लेकर विवाद बढा था। जिसमें यह गोलीकांड हुआ।

पुलिस को नही थी इस उगाही की भनक!
सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस को इस उगाही की भनक नहीं थी। अगर यह उगाही जबरन हो रही थी तो पुलिस को कदम उठाना चाहिए था। शहर में इस तरह की ईंट मंडियां कई जगह लग रही हैं। हाईवे किनारे और हाइवे के सर्विस रोड पर भी ईंट मंडी सजती हैं। इन से उगाही सिर्फ इस लिए होती है कि इन्हें कोई हटाये तो दबंग ट्रैक्टर चालकों के साथ हथियार लेकर आ खडे होंगे।

तिराहे चैराहों पर भी लेते रहे हैं गुंडा टैक्स
कोरोना काल में लगाये गये लाॅकडाउन से पहले शहर के तिराहे चैराहों पर भी पुलिस की मौजूदगी में गुण्डा टैक्स की उगाही होती रही है। नगर निगम की रसीदों के नाम पर भी उगाही होती रही है। जब भी कोई शिकायत होती है, नगर निगम अपने कदम पीछे खींच लेता और पुलिस अधिकारी इसे अवैध बताते हैं लेकिन इसे रोकने के लिए कोई करता कुछ नहीं है।

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More