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MATHURA : धान की फसल भी हुई कई क्षेत्रों में खराब

मथुरा। गैहूं की फसल खराब होने की एवज में मथुरा में 60,795 किसानों को मिला फसल बीमा योजना के तहत 106 करोड रूपये का मुआवजा मिला हैं। मार्च के महीने में हुई बरसात से किसानों की गैहूं की फसल बर्बाद हो गई थी।

कृषि उपनिदेशक धुरेंद्र कुमार के मुताबिक इस बार विभिन्न स्कीमों के तहत फसल का बीमा कराने वाले किसानों की संख्या पिछले साल के मुकाबले बढी है। प्रधानमंत्री बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, सीएससी सेंटर द्वारा जिन किसानों का बीमा किया गया उन सभी किसानों को बीमा का लाभ मिला है। अबकी बार धान की फसल लगी हुई है, किसानों को लाभ होगा। किसानों द्वारा योजना की महत्ता को समझा जा रहा है। ओला वृष्टि, अतिवृष्टि, बाढ आने पर किसानों को बीमा का लाभ मिलता है।

छाता क्षेत्र में खराब हुई धान की फसल


छाता एसडीएम हनुमान प्रसाद ने बठैन एवं बठैनकलां में बरसात से बर्बाद हुई धान की फसल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के बाद एसडीएम ने किसानों की फसल खराब होने के मामलों का निस्तारण किये जाने के निर्देश दिये हैं।

 

पराली की चुनौती से निपटने को कसी कमर


उप कृषि निदेशक धुरेन्द्र कुमार ने बताया कि 464 घटनाएं हुई थीं पराली जालने की। इस बार  अभी से सुनिश्चित किया जाएगा कि पारली खेत में न जले। कंबाइन हार्वेस्टर को भी निर्देश दिये गये हैं। डीएम की तरफ से सभी ग्राम प्रधानों को जहां यह घटनाएं हुई थीं नोटिस चला गया है। जुर्माने के साथ ही कारावास का भी प्रवाधान है। प्रगतिशील किसानों को भी पत्र भेजे गये हैं। सभी कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है।

नारद संवाद

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