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नई दिल्ली । राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में आखिरी इफ्तार पार्टी दी। राष्ट्रपति की इफ्तार पार्टी में उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, गुलाम नबी आजाद सहित कई दूसरे नेता मौजूद थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इफ्तार पार्टी से दूरी बनाए रखी। एक आरटीआई में यह जानकारी सामने आई है कि नरेंद्र मोदी 2014 से पीएम बनने के बाद किसी भी इफ्तार पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं। वैसे मीडिया में ऐसी भी खबरें आ रही है कि अगले कुछ सालों तक अब शायद ही राष्ट्रपति भवन में इफ्तार पार्टी हो। इस आशंका की वजह बीजेपी के मौजूदा नेताओं का इतिहास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्रियों के उलट अपने तीन साल के कार्यकाल में रमजान में कोई इफ्तार पार्टी नहीं की है। कई अन्य बीजेपी नेता और मंत्री भी इफ्तार पार्टी से बचते रहे हैं।
आपको बता दें कि मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है। भाजपा ने पार्टी के वरिष्ठ दलित नेता रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को उम्मीदवार बनाया है। अगर कोविंद राष्ट्रपति बनते हैं, तो शायद अगले कुछ सालों तक के लिए राष्ट्रपति भवन में इफ्तार पार्टी मुश्किल ही हो।
योगी भी इफ्तार पार्टी से रहे दूर
उधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गवर्नर राम नाइक की इफ्तार पार्टी से दूरी बनाए रखी। नाइक ने भी लखनऊ में इफ्तार की पार्टी दी, जिसमें डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा और दूसरे मंत्री पहुंचे, लेकिन गवर्नर की इफ्तार पार्टी में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ नहीं पहुंचे। उनका इस पार्टी में न पहुंचना चर्चा का विषय रहा। योगी ने अपने सरकारी अवास पर भी इफ्तार पार्टी नहीं की। इससे पहले सीएम हाउस में इफ्तार पार्टी की परंपरा रही है।
साभार-khaskhabar.com













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