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बड़ा करार : टाटा ग्रुप के साथ एफ-16 फाइटर जेट बनाएगी लॉकहीड मार्टिन

बड़ा करार : टाटा ग्रुप के साथ एफ-16 फाइटर जेट बनाएगी लॉकहीड मार्टिननई दिल्ली । जल्द ही रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया का नारा फलीभूत होता दिखेगा। टाटा समूह और अमेरिकी वैमानिकी कंपनी लाकहीड मार्टिन ने एफ-16 लड़ाकू विमान भारत में बनाने के लिए सोमवार को लंदन में एक बड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता लाकहीड मार्टिन व टाटा के बीच पूर्व स्थापित संयुक्त उद्यम पर बना है।

टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स व लाकहीड के इस सौदे की घोषणा पेरिस एयरशो के अवसर पर की गई और कहा गया है कि यह सौदा भारतीय वायुसेना की एक इंजिन वाले विमान की मांग को पूरा करने के अनुकूल है। टाटा व लाकहीड मार्टिन के इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी के मेक इन इंडिया कार्यक्रम के लिए बड़ा समर्थन बताया जा रहा है। इस समझौते की घोषणा ऎसे समय में की गई है, जबकि प्रधानमंत्री मोदी 25 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक के लिए अमेरिका जा रहे हैं।

इस सौदे के तहत लाकहीड टेक्सास के अपने फोर्ट वर्थ कारखाने को भारत स्थानांतरित करेगी। हालांकि इससे अमेरिका में सीधे कोई नौकरी नहीं जाएगी। दोनों कंपनियों ने इस समझौते को अमेरिका-भारत उद्योग भागीदारी में अप्रत्याशित बताते हुए कहा है कि इससे भारत में निजी एयरोस्पेस व रक्षा विनिर्माण क्षमता के विकास में सीधी मदद मिलेगी।

समझौता पूर्व स्थापित संयुक्त उद्यम पर... 

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा, यह समझौता लाकहीड मार्टिन व टाटा के बीच पूर्व स्थापित संयुक्त उद्यम पर हुआ है। यह दोनों कंपनियों के आपसी रिश्तों व प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। रक्षा विश्लेषकों के अनुसार भारतीय वायुसेना को इस समय मझोले भार के 200 लड़ाकू विमानों की जरूरत है।

बता दें, भारतीय वायुसेना के ज्यादातर विमान अब पुराने पड़ गए हैं और इन्हें तुरंत बदलने की जरूरत है। सुखोई और मिग जैसे ये विमान 25 से 30 साल पुराने हो चुके हैं। इन विमानों को भारत-यूएसएसआर दोस्ती के स्वर्णिम दौर में सोवियत रूस से मंगाया गया था। साभार-khaskhabar.com

 

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