देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। चैमुहां किसान आंदोलन के 74वें दिन अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर शनिवार को किसान सभा के बैनर तले दर्जनों किसानों ने कस्बा चैमुहां में हाइवे किनारे धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। इस दौरान किसान सभा के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर जैत चैकी प्रभारी अरविंद सिंह को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा। इस अवसर पर किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष छीतर सिंह एडवोकेट ने कहा कि भाव, न्याय, नौकरी,और बढ़ती महंगाई से आमजन बेहाल है। इस सब को नियंत्रण में रखने की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार की है। लेकिन ये सरकार आमजन की समस्याओं की तरफ भी कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि जब किसान कृषि बिल लाना नहीं चाहता है तो उसे किसानों के ऊपर क्यों थोपा जा रहा है। उन्होंने विभिन्न मांगों जैसे आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 संसोधन लागू करे,कृषि उपज वाणिज्य, व्यापार संवर्धन एवं सुविधा अध्यादेश 2020 मूल्य पर आश्वासन किसान ( बन्दोबस्ती और सुरक्षा) समझौता एवं कृषि सेवा 2020, बिजली बिल संसोधन कानून वापस हो, एमएसपी पर धान, बाजरा,गेंहू आदि फसलों की बिक्री की कानूनी गारंटी की जाएं, कम रेट पर खरीद करने वालों के विरूद्ध दंडात्मक कार्यवाई की जाए,आवारा पशुओं की रोकथाम तथा उनसे होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति की जाए, नशाबंदी तुरन्त लागू की जाएं,बंद पड़ी छाता शुगर मिल शुरू कराई जाए, ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई कराई जाए आदि को लेकर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। इस अवसर पर किसान सभा के जिलाध्यक्ष लियाकत खान, कामरेड द्वारिकाधीश यादव, अवधेश सिंह, अतर सिंह, राजेन्द्र सिंह, प्रहलाद सिंह, विजय सिंह, मुकेश सिंह, राजू सिंह, मोहन सिंह, हरि सिंह, कल्याण सिंह, बच्चू सिंह, अजान सिंह आदि दर्जनों किसान मौजूद रहे।













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