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कोरोना काल में पशु पक्षियों के लिए खाद्य सामग्री रवाना

कोरोना के खिलाफ जंग जारी है, देश की राजधानी दिल्ली में लॉकडाउन चल रहा है। ऐसे में पशु-पक्षी भूखे न रहें, इसे देखते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोकसभा सांसद मेनका गांधी ने मंगलवार को नई दिल्ली में बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए खाद्य सामग्री के पैकेट रवाना किए।  
 
 
 
अब बेजुबानों तक पहुंचेगा भोजन
 
लॉकडाउन में देश की राजधानी दिल्ली के बहुत से ऐसे इलाके हैं, जहां बेजुबान पशु-पक्षी भोजन संकट की मार झेल रहे हैं। ऐसे ही पशु-पक्षियों के लिए लोकसभा सांसद मेनका गांधी ने पहल की है। 
इस दौरान मेनका गांधी ने बताया कि पिछले साल से ही कई परिवार और युवा ऐसे जानवरों को खिलाने कि लिए आगे आए और उन्हें भोजन करा रहे थे। फिलहाल उनमें से कई लोग आर्थिक समस्या व अन्य कारणों से ऐसे पशु-पक्षियों को खिलाने में असमर्थ हैं। ऐसे में मैंने एक संस्था से संपर्क किया और जो इन भोजन के पैकेट को उन लोगों तक पहुंचाने में मदद करेंगे, जिससे बेजुबानों को खाना खिलाया जा सके। 
 
 
संस्था द्वारा खाद्य सामग्री का किया गया प्रबंधन
 
बता दें कि पशुओं के खाद्य सामग्री के पैकेटों का प्रबंधन, जरूरतमंद क्लस्टर के लिए खाद्य सामग्री की सेवा कर रहे संगठन,जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन यानि जीतो ईस्ट दिल्ली द्वारा किया गया है। 
 
 
हर पैकेट में 50 किलो अनाज
 
जीतो ईस्ट दिल्ली के प्रतिनिधि तरुण जैन कहते हैं कि आज के समय में लोगों के भोजन की तो व्यवस्था हो जा रही है, लेकिन जानवरों के लिए काफी मुश्किल है। इसी पहल के लिए सांसद मेनका गांधी ने संपर्क किया। इन पैकटों में आटा-चावल आदि के पैकेट हैं, ताकि जो भी लोग जानवरों या पक्षियों को खिलाना चाहते हैं। उन तक पहुंचाया जा सके। हर एक को दो पैकेट मुहैया कराई जा रही है, जिसमें 50 किलो का सामान है। 
उम्मीद की जानी चाहिए कि इस तरह की मदद से बेजुबान पशु पक्षियों को उनके नजदीक ही भोजन मिल सकेगा।

नारद संवाद

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