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दुबई। विश्व क्रिकेट में भारतीय क्रिकेट बोर्ड के प्रभुत्व को बुधवार को बडा झटका लगा जब दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड दुबई में आईसीसी बोर्ड बैठक के दौरान संचालन ढांचे और राजस्व मॉडल पर हुए मतदान में बुरी तरह हार गया।
भारत की हार की रूपरेखा बीसीसीआई के पूर्व प्रमुख शशांक मनोहर ने ही तैयार की जो पहले स्वतंत्र चेयरमैन के रूप में आईसीसी के प्रमुख हैं। संचालन ढांचे में बदलाव के मतदान में बीसीसीआई को 1-9 से शिकस्त झेलनी पडी जब भारत के अमिताभ चौधरी के अलावा सभी अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने इसके पक्ष में मत दिया। राजस्व मॉडल के विरोध को लेकर बीसीसीआई की आपत्ति को भी आईसीसी बोर्ड ने 8-2 से खारिज कर दिया और इस बार चौधरी को सिर्फ श्री लंका क्रिकेट के तिलंगा सुमतिपाल का समर्थन मिला।
बीसीसीआई आईसीसी संचालन मॉडल में दो बदलावों का विरोध कर रहा था जिसमें पूर्ण सदस्यता की समीक्षा और दो स्तर के टेस्ट ढांचे के लिए संविधान में बदलाव शामिल है। टकराव का बडा मुद्दा राजस्व मॉडल है जिसमें भारत का हिस्सा 57 करोड डॉलर की तुलना में लगभग आधा हो जाएगा। मनोहर ने पूर्व के बिग थ्री मॉडल की तुलना में अधिक बराबरी के वितरण की वकालत की थी।पूर्व मॉडल में भारत, आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को अधिक राजस्व मिल रहा था। राजस्व मॉडल के पक्ष में मतदान 8-2 और संवैधानिक बदलावों के पक्ष में 9-1 रहा। पता चला है कि बीसीसीआई के अतिरिक्त 10 करोड डॉलर की राजस्व पेशकश सिरे से खारिज करने के बाद एक बार फिर उसे 29 करोड डॉलर का विकल्प दिया गया जो उसे पिछले साल तक मिल रहे 57 करोड डॉलर से 28 करोड डॉलर कम है।
बीसीसीआई ने दोनों के खिलाफ वोट दिया क्योंकि सैद्धांतिक तौर पर हम कहते रहे हैं कि ये सभी बदलाव हमें पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। फिलहाल हम यही कह सकते हैं कि हमारे लिए सभी विकल्प खुले हैं। हमें विशेष आम बैठक में सदस्यों को स्थिति की जानकारी देनी होगी।
साभार-khaskhabar.com













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