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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म के बाद लडक़ी को जन्म देने वाली 10 वर्षीया नाबालिग को मुआवजा देने की मांग संबंधी याचिका पर शुक्रवार को चंडीगढ़ प्रशासन से जवाब मांगा। पीडि़ता ने गुरुवार को एक लडक़ी को जन्म दिया था। न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की सदस्यता वाली पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह की याचिका पर चंडीगढ़ प्रशासन से जवाब मांगा।
जयसिंह ने पीडि़ता के लिए 10 लाख रुपये का मुआवजा तय किए जाने की मांग की है। जयसिंह ने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा पीडि़ता के माता-पिता को 10,000 रुपये की मामूली रकम दिए जाने पर भी नाराजगी जताई। जयसिंह ने पीठ से कहा कि पीडि़ता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 10 लाख रुपये में से तीन लाख रुपये उसे तत्काल दिए जाने चाहिए।
उन्होंने पीठ से कहा कि शेष सात लाख रुपये ऐसे खाते में जमा किया जाना चाहिए, जिसका इस्तेमाल पीडि़ता के पिता उसके कल्याण के लिए कर सकें। मामले की अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी।
साभार-khaskhabar.com













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