देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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सहारनपुर । यूपी के सहारनपुर में जातीगत हिंसा के बाद जिले के आला अधिकारियों पर गाज गिर रही है। हिंसा रोकने में नाकाम अधिकारियों की छ़ुट्टी की जा रही है। हिंसा प्रभावित इलाकों के एसडीएम और सीओ को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही डीआईजी, कमिश्नर, डीएम और एसएसपी को भी हटा दिया गया है। साथ ही जिले में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर रोक लगा दी गई है। मुजफ्फरनगर के एसएसपी बबलू कुमार को सहारनपुर का नया एसएसपी और प्रमोद पांडे को जिले का नया डीएम बनाया गया है।
इंटरनेट, सोशल मीडिया पर बैन:
सहारनपुर में हिंसा को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों के मद्देनजर जिले में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर रोक लगा दी गई है। जिलाधिकारी ने मोबाइल सेवा प्रदान करने वाली सभी कंपनियों को सहारनपुर में इंटरनेट, एसएमएस और सोशल मीडिया सेवाओं पर तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए हैं। सीआरपीसी की धारा 144 की दंड प्रकिया संहिता 1973 के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है।
तीन हफ्तो में चौथी बार हुई जातीय हिंसा:
ज्ञातव्य है कि सहारनपुर में पिछले तीन हफ्तों में चौथी बार जातीगत हिंसा हुई है। मंगलवार को बीएसपी सुप्रीमों मायावती सहारनपुर गई थी। मायावती के दौरे के बाद फिर से हिंसा भडक गई। शब्बीरपुर से लौट रहे बीएसपी कार्यकर्ताओं की गाड़ी पर जाति विशेष के लोगों ने हमला कर दिया था। इस हमले में 6 लोग घायल हो गए थे। साथ ही चंदपुरा में राजपूतों ने दलितों से मारपीट की थी और गोलियां चलाई थीं। कुछ लोगों को तलवार से घायल कर दिया गया था।
साभार-khaskhabar.com













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