देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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इलाहाबाद । कुंडा के बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भइया की भाजपा में जाने की अटकलें फिर से तेज हो गई हैं। सोमवार को राजा भैया ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। घंटों बातचीत में हिंदुत्व से लेकर कई अन्य मुद्दों पर बातें हुई। सिर्फ इतना ही नहीं राजा भैया ने चंद्रशेखर आजाद पर आधारित किताब के विमोचन के दौरान योगी के साथ मंच भी साझा किया। इससे पहले रविवार को राजा भैया ने बसपा बॉस मायावती पर जमकर निशाना साधा था। साथ ही सपा व बसपा के गठबंधन के असर पर अपनी साफ नाराजगी भी व्यक्त की थी। जिसके बाद ही इसे राजा के भाजपा में जाने का संकेत माना जा रहा था। हालांकि राजा भैया ने खुद कुछ भी सीधे कहने से इंकार कर दिया था। लेकिन इशारों में उन्होंने कहा था कि जब वे जाएंगे तो मीडिया को तो सबसे पहले ही पता चलेगा। ऐसे में राजा भइया का सीएम योगी के साथ मंच साझा करना और घंटों मुलाकात करना काफी कुछ बयां कर रहा है।
फ़िलहाल सोशल मीडिया पर इस बात पर जंग छिड़ चुकी है कि राजा का बीजेपी में जाना सही है या नहीं। फ़िलहाल अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा तो नहीं हुई है, लेकिन मौजूदा हालात ने सपा सरकार के कैबिनेट मंत्री रहे राजा भइया के भाजपा में जाने की अटकलों के तेज कर दिया है। अगर राजा भइया भाजपा में जाते हैं तो यह सपा के लिए बहुत बड़ा नुकसान होगा।
आप को बता दें कि चुनाव से पहले भी राजा भइया के भाजपा में आने के कयास लगाए जा रहे थे,
लेकिन तब राजा भइया ने हर बार की तरह निर्दलीय लड़ने का ऐलान कर दिया था। वह कभी भी सपा के टिकट पर चुनाव नहीं लड़े . बल्कि निर्दल चुनाव जीतने के बाद सपा को समर्थन देते रहे है। सबसे अहम बात यह है कि मायावती से राजा का छत्तीस का आंकड़ा है और अखिलेश से मायावती की बढ़ती नजदीकी की यह प्रतिक्रिया मानी जा रही है।
साभार-khaskhabar.com













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