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अब मंत्री विधायक नहीं लगा सकेंगे लालबत्ती, अधिसूचना जारी

अब मंत्री विधायक नहीं लगा सकेंगे लालबत्ती, अधिसूचना जारीचंडीगढ़ । पंजाब सरकार ने वीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए लालबत्ती के प्रयोग को सीमित कर दिया है। सरकार ने इसके लिए एक अधिसूचना जारी की है. जिसके तहत कुछ महत्वपूर्ण गाड़ियों को छोड़कर सभी गाड़ियों पर लालबत्ती पर बैन करने को कहा गया है।

कांग्रेस के मेनिफेस्टो के अनुसार, वीआईपी कल्चर को खत्म करने को लेकर यह अहम फैसला लिया गया है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राज्य के परिवहन विभाग द्वारा सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल 1989 के नियम 108 के तहत जारी इस नोटिफिकेशन ने लाल और अन्य बत्तियों संबधित सभी पुराने अध्यादेशों की जगह ले ली है।

इस अधिसूचना के अनुसार फ्लैशर के साथ लालबत्ती केवल राज्यपाल और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस व जज ही लगा सकते हैं। इसके अलावा आम प्रशासन (प्रोटोकॉल ब्रांच) के चार वाहन भी इस बत्ती को फ्लैशर सहित लगाने के लिए अधिकृत किए गए हैं जो राज्य में आने वाले अतिथियों (जिनको भारत सरकार व उनके संबंधित राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों में लाल बत्ती लगाने की आज्ञा है) को दिए जाएंगे। इन वाहनों के साथ चलने वाले एस्कार्ट वाहन अब नीली बत्ती के साथ फ्लैशर लगा सकेंगे।

पुलिस के लिए नीली, एंबुलैंस की जामुनी बत्ती

इस अधिसूचना के अनुसार, जामुनी शीशे वाली जगमग करती बत्ती एंबुलेंस पर उस समय लगाई जाएगी, जब वह हंगामी सेवा में हो। पीले रंग की जगमग करती बत्ती आपदा प्रबंधन बचाव वाले वाहनों पर लगाई जाएगी और लाल, सफेद और नीले रंग में बड़ी बत्तियों वाले वाहन पुलिस व अग्निशमन सेवा वाले वाहनों पर लगाए जाएंगे। जब यह वाहन ड्यूटी पर नहीं होंगे तो इन बत्तियों को भी काले कवर से ढका जाएगा।

इसके साथ ही यह बत्तियां केवल उन वाहनों पर लगाई जाएगी, जिनको एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) द्वारा स्टीकर जारी किया जाएगा, जो वाहन के शीशे पर लगाना होगा। नोटिफिकेशन के अनुसार, इस स्टीकर में सभी विवरण जैसे स्टीकर नंबर, शख्सियत का नाम और वाहन नंबर पर जिस श्रेणी के तहत यह आज्ञा दी गई है, का विस्तृत ब्योरा एडीजीपी द्वारा राज्य के परिवहन कमिश्नर को देना होगा। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह आज्ञा भारत सरकार द्वारा बत्तियां लगाने की समय-समय पर दी जाती स्वीकृतियों से संबधित होगी।

साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

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