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मोहन भागवत के बोल, गोहत्या पर रोक के लिए बनना चाहिए कानून

मोहन भागवत के बोल, गोहत्या पर रोक के लिए बनना चाहिए कानूननई दिल्ली। देश में गोरक्षक दलों द्वारा की जा रही मारपीट पर उठे तूफान के बीच राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने पूरे देश में गोहत्या पर रोक लगाने वाले कानून की वकालत की है। उन्होंने कहा कि गोवध के नाम पर कोई भी हिंसा उद्देश्य को नुकसान पहुंचाती है, कानून का हर हाल में पालन किया जाना चाहिए। भाषा के अनुसार भागवत ने दिल्ली में भगवान महावीर की जयंती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘हम देशभर में गो वध पर रोक लगाने वाला कानून चाहते हैं। गोवध के नाम पर कोई भी हिंसा उद्देश्य को बदनाम करती है और कानून का पालन करना ही चाहिए। कानून का पालन करते हुए गाय की रक्षा करने का काम जारी रहना चाहिए। भागवत का यह बयान उस वक्त आया है जब तथाकथिक गोभक्तों द्वारा राजस्थान में एक व्यक्ति की हत्या करने से पूरे देश में राजनीतिक भूचाल मचा हुआ है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि एंटी रोमियो दस्ता हो, लव जिहाद हो, गोरक्षकों के गैरकानूनी काम हो या बूचडखानों के खिलाफ कार्रवाई हो, इन सब बातों से एक बात साफ है कि भाजपा की सरकार पूरे देश पर जबरदस्ती अपनी विचारधारा थोपने के काम को बहुत तेजी से कर रही है। भाजपा का असली एजेंडा अब खुलकर देश के सामने आ रहा है। अलवर में पीट-पीटकर की गई हत्या के बारे में खेद या सहानुभूति का एक शब्द भी प्रकट नहीं किया गया। मुख्यमंत्री को तथाकथित गोरक्षकों एवं उनकी हिंसा के विरूद्ध बोलना चाहिए। क्या वह बोलेंगी। ज्ञातव्य है कि कथित गोरक्षक समूह ने राजस्थान के अलवर में गाय ले जा रहे कुछ लोगों पर हमला कर दिया था। हरियाणा के रहने वाले 15 लोग छह गाडियों में गायों को लेकर जा रहे थे। उसी दौरान बहरोड के पास इन पर हमला कर दिया गया। मारपीट के दौरान 50 साल के पहलू खान (55) को गंभीर चोट लगी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस का कहना था कि पहलू खान और उनके चार अन्य सहयोगियों ने गाय को खरीदने संबंधी दस्तावेज भी पेश किए लेकिन इसके बावजूद उनकी पिटाई कर दी गई। यह मुद्दा संसद में भी उठा और विरोधी दलों ने इस मौत के लिए राज्य की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

साभार-khaskhabar.com

 

 

 

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