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महावीरजी के वार्षिक लक्खी मेले में देश-विदेश से उमड़ेगा श्रद्धा का सैलाब

महावीरजी के वार्षिक लक्खी मेले में देश-विदेश से उमड़ेगा श्रद्धा का सैलाबजयपुर/करौली । हर वर्ष की भांति इस वर्ष महावीर जयंती महोत्सव के अंतर्गत दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्रीमहावीरजी में 6 से 12 अप्रैल तक वार्षिक लक्खी मेले का आयोजन होगा।

प्रबंधकारिणी कमेटी दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र, श्रीमहावीरजी के अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल एवं मानद मंत्री महेन्द्र कुमार पाटनी के अनुसार 6 अप्रैल को मेले की स्थापना होगी। 7 व 8 अप्रैल को प्रात: पूजन, भजन व शाम को सामूहिक आरती व शास्त्र प्रवचन होंगे। 9 अप्रैल को महावीर जयंती के मौके पर सुबह प्रभातफेरी, ध्वजारोहण एवं जलयात्रा के पश्चात धर्म सभा होगी। 

स्थानीय स्कूल के विद्यार्थियों को मोदक वितरण, अस्पताल में मरीजों को व हिंडौन स्थित जेल के कैदियों को फल वितरण किया जाएगा। प्रर्दशनी व विकलांग शिविर के उद्घाटन के बाद विकलांगों को ट्राई-साइकिल एवं असमर्थ तथा विधवा महिलाओं को हाथ की सिलाई मशीनें वितरित की जाएंगी। शाम को सामूहिक आरती के बाद शास्त्र प्रवचन होंगे। रात्रि में कटला प्रांगण में दिगंबर जैन आदर्श महिला महाविद्यालय श्रीमहावीरजी की बालिकाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी। इसी दिन रात्रि में सांस्कृतिक मंच प्रांगण में पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से राजस्थानी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। 

10 अप्रैल को कटला प्रांगण में मध्यान्ह सामूहिक पूजा, सायंकाल आरती, शास्त्र प्रवचन एवं रात्रि में दिगंबर जैन महिला संगठन बापूनगर, जयपुर की सदस्यों द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। सांस्कृतिक मंच पर नेहरू युवा केन्द्र सवाई माधोपुर के सौजन्य से सांस्कृतिक संध्या, लोक नृत्य एवं लोक गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी।

11 अप्रैल को चरण चिन्ह छतरी पर श्री वीर संगीत मंडल जयपुर के सहयोग से प्रात: सामूहिक पूजा होगी। अपरान्ह 4 बजे उप जिला कलेक्टर एवं प्रबन्धकारिणी कमेटी के अध्यक्ष द्वारा मेला निरीक्षण होगा। इसी दिन रात्रि में सांस्कृतिक मंच प्रांगण में विशाल कवि सम्मेलन होगा, जिसमें देश के ख्यातनाम कवि कविताओं के माध्यम से भगवान महावीर के गुणगान करेंगे।

मेले के प्रचार संयोजक विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि मेले का मुख्य आकर्षण भगवान महावीर की भव्य रथयात्रा 12 अप्रैल को निकाली जाएगी। इसमें जैन धर्मावलंबियों के साथ मीणा, गुर्जर व अन्य जातियों के लोग भाग लेकर सर्व धर्म एकता व समरसता के साथ सांप्रदायिक सौहार्द का परिचय देंगे। रथयात्रा मुख्य बाजार से होती हुई गंभीर नदी के तट पहुंचेगी, वहां जिनेन्द्र देव के अभिषेक किए जाएंगे। इस मौके पर घुड़दौड़, उंट दौड़ सहित अन्य कार्यक्रम होंगे। इससे पूर्व परंपरागत रूप से मेले के निरीक्षण के लिए निकलने वाली नाजिम की सवारी धूमधाम से निकाली जाएगी। इसमें बैडबाजे एवं लवाजमे के साथ उपजिला कलेक्टर हिंडौन एवं अतिशय क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल रथयात्रा मार्ग, मेला क्षेत्र के अलावा कस्बे का भ्रमण कर तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और आवश्यक निर्देश देंगे। पूरे मेला अवधि के दौरान श्री महावीरजी का मुख्य मंदिर दूधिया रोशनी से नहा उठेगा। प्रबंधकारिणी कमेटी के मानद मंत्री महेन्द्र कुमार पाटनी ने बताया कि मेले का समापन 13 अप्रैल को ग्रामीण खेल-कूद प्रतियोगिता, कुश्ती दंगल प्रतियोगिता आदि के साथ होगा। 

चार सौ वर्ष पूर्व भगवान की प्रतिमा का हुआ था प्राकट्य

उल्लेखनीय है कि चार सौ वर्ष से भी अधिक समय से पूर्व चांदनगांव के टीले से जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की मूंगावर्णी पाषाण प्रतिमा का प्राकट्य हुआ था, वहां स्थापित चरण चिह्न मंदिर पर सभी समाजों के लाखों श्रद्धालुओं द्वारा आज भी पूजा की जाती है तथा मनौती मांगी जाती है। मेले के तहत प्रदर्शनी स्थल पर राज्य सरकार के विभिन्न विभागों सहित विभिन्न गैर सरकारी संगठनों की ओर से स्टॉल्स एवं चित्र प्रदर्शनी लगाई जाती है, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीणों को इन स्टॉल्स पर योजनाओं के बारे में जानकारी मिलती हैं। 

विकलांग शिविर 

श्री महावीरजी के मेले में प्रदर्शनी प्रांगण में भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के सहयोग से निशुल्क पैर लगाने की व्यवस्था की गई है। क्षेत्र प्रबंधकारिणी कमेटी ने करौली व सवाईमाधोपुर जिलों को पैरों की विकलांगता से ग्रसित व्यक्तियों को कृत्रिम पैर उपलब्ध करवाने के लिए गोद ले रखा है। विकलांगों को तीन पहिया साइकिलें, कैलीपर्स तथा असमर्थ महिलाओं को सिलाई की मशीनें आदि उपलब्ध कराने की निशुल्क व्यवस्था रहेगी।   

साभार-khaskhabar.com

 

 

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