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कुछ ऐसी है जावेद अख्तर की कहानी...

कुछ ऐसी है जावेद अख्तर की कहानी...शब्दों के जादूगर पटकथाकार, संगीतकार और लेखक जावेद अख्तर को कौन नहीं जानता। आज ये नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं। जावेद आज ऐसी सख्सियत में शूमार हैं जिन्होंने अपने शब्दों के जादू से लोगों को अपना गुलाम बना लिया है। आज का दिन जावेद के लिए बेहद खास हैं क्यों कि आज वो उम्र की 73 दहलीज पर कदम रख चुके हैं। एक दौर था जब जावेद अपने करियर के लिए संघर्ष कर रहे थे। वो जब मुंबई आए थे तो रहने के लिए ना कोई घर तक नहीं था। काफी मेहनत के बाद उन्हें बॉलीवुड में पहचान मिली। 

जावेद अख्तर के पिता जां निसार अख्तर भी एक जानें-मानें उर्दू शायर और गीतकार थे। हालांकि जावेद अख्तर के साथ उनकी नहीं बनती थी। इसलिए जावेद ने फिल्म जगत में जगह बनाने के लिए अपने पिता के नाम का सहारा नहीं लिया।

शबाना जावेद की दूसरी पत्नी

जावेद अख्तर कैफी अाजमी को असिस्ट करते थे और वहीं उनकी मुलाकात शबाना आजमी से हुई और दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद जावेद अख्तर ने हनी ईरानी को तलाक दिया। जावेद अख्तर की पहली पत्नी का नाम हनी ईरानी था वो भी पटकथा लेखक थीं। हनी ईरानी का जन्मदिन भी 17 जनवरी को ही है। दोनों ने साल 1972 में शादी की। उस समय ईरानी की उम्र करीब 17 साल थीं। अख्तर और ईरानी के दो बच्चे हैं फरहान अख्तर और जोया अख्तर। दोनों साल 1978 में अलग हो गये। साल 1985 में दोनों ने तलाक ले लिया। फिल्म सिलसिला से शुरू हुआ गीतकार का सफर

जावेद अख्तार को बतौर गीतकार पेश करने वाले यश चोपड़ा ने उनके साथ दीवार, त्रिशूल, काला पत्थर, जॉनी मेरा नाम में एक साथ काम कर चुके हैं। इसलिए यश चोपड़ा उनकी शायरी से वाकिफ थे उन्होंने जावेद से अपनी फिल्म सिलसिला के लिए गीत लिखने को कहा। जावेद ने इस प्रस्ताव का स्वीकार कर लिया और इसी के बाद से उनका करियर सफलता का पायदान छूता चला गया। सिलसिला के सारे गाने सुप्रसिद्ध हुए। और आज भी लोगों का बेहद पसंद आते हैं।

राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजे गए जावेद

जावेद अख्तर को पांच बार सर्वश्रेष्ठ गीतकार का राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है। जावेद अख्तर को पटकथा लेखक और गीतकार के तौर पर एक दर्जन से ज्यादा फिल्म फेयर पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्हें उनकी कविता संग्रह लावा के लिए उर्दू का साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिल चुका है।

सलीम जावेद हिट थी जोड़ी

पटकथा के तौर पर उनकी और सलीम खान की जोड़ी यादों की बारात, सीता और गीता, जंजीर, शोले, डॉन, मि.इंडिया सहित कई फिल्में लिख चुके हैं। सलीम-जावेद 70 के दशक में जावेद अख्तर और सलीम खान की जोड़ी बॉलीवुड की सबसे पॉपुलर स्क्रिप्ट, डायलॉग राइटर की जोड़ी हुआ करती थी। उस समय भी बॉलीवुड में पोस्टर पर स्क्रिप्ट राइटर को क्रेडिट नहीं दिया जाता था और इस सिलसिले को शुरू सलीम-जावेद अख्तर ने ही किया था। सलीम और जावेद अलग हुए तो भी दोनों सक्सेसफुल ही रहें। जावेद अख्तर का असल नाम जादू था जिसे उनके पापा ने एक कविता लम्हा-लम्हा किसी जादू का फसाना होगा से लिया था। 

नास्तिक है जावेद

जावेद अख्तर जावेद अख्तर खुद नास्तिक हैं और उनके बच्चे यानी कि फरहान अख्तर और जोया अख्तर भी नास्तिक हैं। 

साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

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