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लोकतंत्र के समक्ष मौजूद चुनौतियों का दृढ़ता से मुकाबला करें - अशोक गहलोत

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की रहनुमाई में ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के लम्बे संघर्ष के बाद हमें अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली। आजादी के बाद देश में लोकतंत्र कायम हुआ। हम सभी का कर्तव्य है कि वर्तमान परिस्थितियों में लोकतंत्र एवं संवैधानिक मूल्यों के समक्ष मौजूद चुनौतियों का दृढ़ता से मुकाबला करें और इन्हें नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट रहें।
मुख्यमंत्री शनिवार को 74वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर बडी चौपड़ पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यहां ध्वजारोहण किया और उपस्थित जनसमुदाय को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी।
गहलोत ने कहा कि 1962 में चीन के साथ युद्ध, 1965 एवं 1971 में पाकिस्तान के साथ युद्ध हो या कारगिल की लड़ाई, हमारे बहादुर सैनिकों ने अपने शौर्य का परिचय देते हुए दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि श्रीमती इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, बेअंत सिंह जैसे महान नेताओं ने अपनी जान की कुर्बानी दे दी, लेकिन देश को अखण्ड रखा। उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम आपसी सद्भाव बनाए रखेंगे तथा मुल्क को तोड़ने वाली ताकतों के बहकावे में नहीं आएंगे।
गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार संवेदनशील, पारदर्शी एवं जवाबदेह सुशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस विकट समय में सभी वर्गों को साथ लेकर लोगों का जीवन बचाने के साथ-साथ आजीविका को सुचारू करना हमारी पहली प्राथमिकता है। हमने कोरोना से लड़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती दी है। जांच क्षमता बढ़ाई है और कोरोना से मृत्यु दर के मामले में हमारी स्थिति राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। कोई भूखा न सोये के संकल्प को पूरा करते हुए हमारी सरकार ने हर जरूररतमंद को राहत पहुंचाई है।


साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

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