देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreकेंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, देश में 100 फीसदी लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने वाला पहला केंद्रशासित प्रदेश बन गया है। बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार केंद्रशासित प्रदेश में सभी निवासियों और बाहर से आने वाली आबादी को कोरोना की पहली डोज लगा दी गई है। इसमें प्रवासी मजदूर, होटल कर्मचारी और नेपाली नागरिक शामिल हैं, जो यहां अपनी आजीविका कमा रहे हैं।
दूसरी खुराक भी 50% से अधिक लोगों को दी जा चुकी
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 18-44 वर्ष सहित सभी 89,404 योग्य लोगों को कोविड वैक्सीन की पहली खुराक दी गई है। वहीं दूसरी खुराक 60,936 लोगों को दी गई है। यह टीकाकरण के तीसरे चरण को शुरू करने के तीन महीने से भी कम समय में किया गया, जिसमें 18-44 आयु वर्ग को शामिल किया गया था। केंद्रशासित प्रदेश में रहने वाले कुल 6,821 नेपाली नागरिक भी इस लिस्ट में शामिल हैं।
प्रशासन ने बताया कि उन्होंने होटल कर्मचारियों को प्राथमिकता दी, जिनमें से अधिकांश लद्दाख के बाहर से हैं। इसके अलावा टैक्सी/सार्वजनिक परिवहन चालकों को पहले टीका लगाया गया, क्योंकि वे पर्यटन उद्योग के फ्रंट वर्कर्स में हैं। गर्मियों के दौरान दूसरे राज्यों से मजदूर और अप्रेंटिस आते हैं, इसलिए उनका भी प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जा रहा है।
पोलियो टीकाकरण से मिली मदद
पोलियो के खिलाफ बड़े पैमाने पर टीकाकरण कार्यक्रमों में अनुभवी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के व्यापक नेटवर्क ने टीकाकरण को गति देने में बहुत मदद दी। पोलियो जैसे कार्यक्रमों में अनुभवी जमीनी स्तर के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए कोविड टीकाकरण कोई नई बात नहीं थी। उनके लिए ये सब बस एक और कार्यक्रम की तरह था।
केंद्र ने की वैक्सीन की पर्याप्त आपूर्ति
लद्दाख में प्रशासन 18-44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण, केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत करने से पहले इसलिए शुरू कर पाया क्योंकि उनके पास आवश्यकता से अधिक मात्रा में टीके थे। प्रशासन ने कहा कि केंद्र ने वैक्सीन की स्थिर और अधिक मात्रा में आपूर्ति सुनिश्चित की है, जिसने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के विश्वास को बढ़ाया और कठिनाइयों के बावजूद टीकाकरण की गति को तेज किया।
वैक्सीन लगाने में आने वाली चुनौतियां
लद्दाख में भले ही कम आबादी हो, लेकिन यहां वैक्सीनेशन चुनौतीपूर्ण है। यहां पर दुर्गम इलाके, मौसम और पहाड़ी इलाकों में वैक्सीनेशन आसान नहीं था। इनमें से कई आबादी तक पहुंचना बहुत ही मुश्किल है, इन सबके बावजूद विभाग ने यह उपलब्धि हासिल की।
औपचारिक रूप से स्वीकृत होने से पहले 18-44 आयु वर्ग का टीकाकरण
लद्दाख प्रशासन ने केंद्र सरकार द्वारा औपचारिक रूप से स्वीकृत किए जाने से पहले ही 18-44 वर्ष आयु वर्ग का टीकाकरण शुरू कर दिया था। प्रशासन के अनुसार, लद्दाख के पास अतिरिक्त COVID-19 टीके बचे हुए थे, जिनकी एक्स्पाइरी खत्म होने वाली थी। यही कारण है कि केंद्र द्वारा इस आयु वर्ग के लोगों को टीका लगाने का फैसला करने के पहले ही स्वास्थ्य कर्मियों ने अतिरिक्त बचे हुए टीकों को लगाना शुरू कर दिया था। इससे टीकों की बर्बादी नहीं हुई। इस कारण सभी का टीकाकरण करने में मदद मिली और काम में भी तेजी आई।













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