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राहुल गांधी का आरोप - असंगठित अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी, जीएसटी, लॉकडाउन से किया हमला

नई दिल्ली । कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने पिछले छह वर्षों में देश की असंगठित अर्थव्यवस्था पर हमला किया है और लोगों को गुलाम बनाने की कोशिश की है। उन्होंने अपने तर्क को स्पष्ट करने के लिए तीन उदाहरण सामने रखे, जिसमें नोटबंदी, त्रुटिपूर्ण जीएसटी और कोविड के कारण लागू किया गया लॉकडाउन शामिल है और साथ ही कहा कि इन तीनों फैसलों का उद्देश्य 'इनफॉर्मल सेक्टर्स को खत्म करना' था।

गांधी ने 'अर्थव्यवस्था की बात' के एक नई वीडियो सीरीज में कहा, "भाजपा सरकार ने पिछले छह वर्षों में असंगठित अर्थव्यवस्था पर कई बार हमला किया है और आपको गुलाम बनाने का प्रयास किया जा रहा है।"

करीब 3 मिनट, 38 सेकंड के वीडियो में गांधी ने पिछले 45 वर्षों की तुलना में वर्तमान में बेरोजगारी दर को सबसे अधिक बताया। वीडियो में वह बोल रहे हैं, "अनौपचारिक क्षेत्र (इनफॉर्मल सेक्टर्स) में 40 करोड़ से अधिक मजदूर अत्यधिक गरीबी में फंसे हुए हैं। पिछले चार महीनों में करीब दो करोड़ लोग अपनी नौकरी खो चुके हैं।"

50 वर्षीय नेता ने कहा, "अनौपचारिक क्षेत्र में लाखों और करोड़ों रुपये हैं, जिन्हें वे छू भी नहीं सकते। वे इसे तोड़ कर और अंदर घुसकर पैसा निकालना चाहते हैं। इसका परिणाम यह होगा कि भारत रोजगार सृजन नहीं कर पाएगा, क्योंकि 90 प्रतिशत रोजगार अनौपचारिक क्षेत्र में ही सृजित होते हैं।"

गांधी ने कहा कि जिस दिन अनौपचारिक क्षेत्र खत्म हो जाएगा, भारत रोजगार सृजन नहीं कर पाएगा। उन्होंने आगे कहा, "आपके (लोगों से) खिलाफ एक साजिश रची जा रही है। आपको गुलाम बनाने के लिए आपको धोखा दिया जा रहा है। पूरे देश को इसके खिलाफ लड़ना होगा।"

उन्होंने आगे कहा कि, साल 2008 में जब सभी देश मंदी के दौर से गुजर रहे थे, तब भारत को इससे परेशानी नहीं हुई थी, क्योंकि तब केंद्र में यूपीए की सरकार थी।


साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

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