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महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शिवाजीराव पाटील-निलंगेकर का निधन

पुणे। वयोवृद्ध कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शिवाजीराव पाटील-निलंगेकर का बुधवार को यहां वृद्धावस्था से संबंधित समस्याओं के कारण निधन हो गया। वह 90 साल के थे। बीते महीने पाटील-निलंगेकर का कोविड-19 टेस्ट पॉजिटिव आया था, हालांकि वह इस संक्रमण से उबर गए थे।

उनके परिवार में चार बेटे दिलीप, अशोक, विजय, शरद और एक बेटी चंद्रकला दावले के अलावा दो पोते हैं।

पूर्ववर्ती हैदराबाद राज्य के निलंगा गांव में जन्मे पाटील-निलंगेकर ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था और उसके बाद जून 1985 से मार्च 1986 के बीच महाराष्ट्र के 10वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था।

हालांकि, एमडी की परीक्षाओं में एक घोटाले में उनकी बेटी की संलिप्तता के कारण बम्बई हाई कोर्ट की सख्ती के बाद उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पाटील-निलंगेकर को दो पीढ़ियों से जुड़ा नेता और दो पीढ़ियों को निर्देशित करने वाला नेता कहा है।

ठाकरे ने कहा, "प्रतिबद्धता और ²ढ़ विचारों वाले एक स्वतंत्रता सेनानी, वह उन नेताओं में से थे, जो राज्य के विकास और मराठवाड़ा क्षेत्र की प्रगति में सबसे आगे थे।"

उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अजीत पवार ने कहा कि पाटील-निलंगेकर का जीवन संघर्ष का प्रतीक है, जिसके माध्यम से वह आगे बढ़े और राज्य ने एक सशक्त नेता को खो दिया, जिसने अपने मजबूत राजनीतिक और बौद्धिक नेतृत्व के साथ राज्य का निर्माण करने में मदद की।

विपक्षी दल भाजपा के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पाटील-निलंगेकर ने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी और उन्हें एक दृढ़ और समर्पित नेता के रूप में पहचाना गया।

साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

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