BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

बुधवार को तीन फ्लाइट से 545 प्रवासी राजस्थानी जयपुर पहुंचे

जयपुर। बुधवार को जयपुर में तीन फ्लाइट से करीब 545 प्रवासी राजस्थानी जयपुर पहुंचे। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि बुधवार को दोपहर में कजाकिस्तान से आई फ्लाइट में 221 प्रवासी राजस्थानी जयपुर पहुंचे वहीं कुबेत से सायं 6 बजे और रात 9 बजे आई दो फ्लाइटों में लगभग 162-162 प्रवासी जयपुर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा एयरपोर्ट पर आवश्यक सभी व्यवस्थाओं को चाकचोबंद कर रखा है। 18 जून को चार फ्लाइट से प्रवासी राजस्थानी जयपुर पहुंचेंगे।
एसीएस उद्योग डॉ. अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विदेश से आने वाले प्रवासी राजस्थानियों के लिए गठित एयर सेल द्वारा नियमित मोनेटरिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर भी मेडिकल प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करने के साथ ही आने वाले प्रवासियों को सहयोग व मार्गदर्शन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर थर्मल स्केनिंग, चिकित्सकों की टीम द्वारा मेडिकल चैकअप, इमिग्रेशन के बाद सभी प्रवासी राजस्थानियों को संस्थागत क्वारंटाइन के लिए भिजवाया जा रहा है।
फ्लाइट के आते ही सोशल डिस्टेसिंग, सेनेटाइजेशन, थर्मल स्केनिंग व डॉक्टरों की टीम द्वारा स्वास्थ्य जांच, उसके बाद संस्थागत क्वारंटाइन की व्यवस्था, इमिग्रेशन और अन्य औपचारिकताओं के बाद बसों से क्वारंटाइन के लिएं भिजवाया जा रहा है। एयरपोर्ट पर सभी प्रवासियों के मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु और राजकोविड इंफो एप डाउनलोड करवाया जा रहा है वहीं एयरपोर्ट पर सभी प्रवासियों के लिए चाय, कॉफी, पीने का पानी, बिस्कुट आदि की निःशुल्क व्यवस्था है। फ्लाइट से आने वाले सभी प्रवासियों को संस्थागत क्वारंटाइन के स्टेण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर से संबंधित विस्तृत जानकारी भी दी जा रही है।
साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More