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पर्यटन क्षेत्र को बूस्टर टीके की खुराक, अब गाइड और स्टेकहोल्डर्स को मिलेगी आर्थिक मदद

कोविड महामारी के दौरान देश के बहुत सारे सेक्टर ऐसे हैं जिनपर सीधा प्रभाव पड़ा है। उन्हीं में से एक है टूरिज्म सेक्टर। लेकिन केंद्र सरकार ने इसको भी रिवाइव करने का प्लान बना लिया है। टूरिज्म सेक्टर के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़े एलान किए हैं। देश में टूरिज्म इंडस्ट्री फिर से ट्रैक पर आ सके इसके लिए पर्यटकों को मुफ्त वीजा, टूरिस्ट गाइड और एजेंसियों को आर्थिक मदद से राहत दी जाएगी। इसमें भारत आने वाले 5 लाख पर्यटकों को मुफ्त वीजा दिया जाएगा। इसके अलावा, वित्‍त मंत्री ने टूरिस्‍ट गाइड और टूरिस्ट एजेंसी या इससे जुड़े लोगों को 10 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की भी घोषणा की है। 

लगभग 11 हजार टूरिस्‍ट गाइड को मिलेगा फायदा

इसमें 11,000 से अधिक ऐसे टूरिस्‍ट गाइड और ट्रैवल एजेंसी और इससे जुड़े दूसरे स्टेकहोल्डर्स हैं जिन्हें आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसमें कार्यशील पूंजी या व्यक्तिगत ऋण अगर लिए होंगे तो उसमें लाभ मिलेगा। इसके साथ इस क्षेत्र से जुड़े जितने भी लोग हैं वह अपना व्यापार फिर से शुरू कर सकें, उस दृष्टि से इसे लाया गया है। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर बताते हैं कि इसमें रजिस्टर्ड 10,700 टूरिस्ट गाइड और 904 ट्रेवल एंड टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स हैं उनको भी इसका लाभ मिलेगा। टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स को प्रति एजेंसी के हिसाब से 10 लाख रुपये तक और लाइसेंस्ड टूरिस्ट गाइड को 1 लाख रुपये तक का उपलब्ध करवाया जाएगा। न इन्हें कोई प्रोसेसिंग चार्ज देना होगा और न ही कोई प्री-पेमेंट करनी होगी।

लोन के बारे में वित्त मंत्री कहती हैं कि ये एक रिटेल तरह का लोन है जहां टूरिस्ट गाइड या टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स इस क्रेडिट को लेंगे और जिस भी तरह से इसका प्रयोग करना चाहेंगे वह कर सकते हैं। 

5 लाख पर्यटकों को मिलेगा फ्री वीजा

बता दें, 2019 में लगभग 1 करोड़ 91 लाख विदेशी पर्यटक भारत की यात्रा करने आये थे जिसमें उन्होंने कुल मिलाकर 2 लाख 23 हजार 390 करोड़ रुपये खर्च किये। औसतन एक विदेशी टूरिस्ट 21 दिन भारत में रुकता है और उसका रोजाना का औसत खर्च 2400 रुपये होता है। भारत में फिर से टूरिस्ट आएं इसके लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 लाख पर्यटकों को फ्री वीजा देने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही एक बार फिर इंटरनेशनल वीजा जारी करना शुरू हो जाता है तो भारत आने वाले पहले 5 लाख पर्यटकों को वीजा के लिए फीस नहीं देनी पड़ेगी। 

एक टूरिस्ट केवल एक बार ही इस स्कीम का फायदा उठा सकता है। स्कीम 31 मार्च 2022 तक या 5 लाख वीजा जारी होने तक ही जारी रहेगी। भारत इस पर कुल 100 करोड़ रुपये खर्च करने वाला है। 

दुनिया का सबसे स्ट्रांग होटल ब्रांड ‘ताज’

दुनियाभर में भारत के पर्यटन क्षेत्र की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हमारे देश का होटल ‘ताज’ दुनिया की उन चुनिंदा इमारतों में शामिल है, जो ट्रेडमार्क हैं। इनमें न्यूयॉर्क की एम्पायर स्टेट बिल्डिंग, पेरिस का एफिल टावर और सिडनी का ऑपेरो हाउस भी शामिल है। इसके साथ, ब्रिटेन की ब्रांड वैल्यूएशन कंसल्टेंसी ‘ब्रांड फाइनेंस’ ने अपनी ‘एनुअल होटल्स 50 2021’ रिपोर्ट में इस होटल ‘दुनिया का सबसे स्ट्रॉन्ग होटल ब्रांड’ बताया है।

कुल रोजगार में पर्यटन क्षेत्र का 13 प्रतिशत हिस्सा

पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, देश के कुल रोजगार में 12.95 प्रतिशत पर्यटन क्षेत्र की भागीदारी है। इस क्षेत्र ने 2019 में 9 करोड़ लोगों को रोजगार दिया था। शुरुआत से ही केंद्र सरकार द्वारा एक भारत श्रेष्ठ भारत, भारत पर्व, देखो अपना देश जैसे कई कदम उठाये जा रहे हैं। उम्मीद है कि ये पैकेज भी कोरोना काल में भारत के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक बूस्टर डोज का काम करेगा।

नारद संवाद

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