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पंजाब सरकार ने प्राईवेट स्कूलों को 2020-21 के लिए फ़ीसें न बढ़ाने की दी हिदायत

चंडीगढ़ । पंजाब सरकार ने प्राईवेट स्कूलों को 2020-21 की फ़ीसों में साल 2019 -20 के दौरान ली गई फ़ीसों के मुकाबले कोई वृद्धि न किये जाने की सलाह दी है।
राज्य में सभी प्राईवेट और अनएडिड (ग़ैर सहायता प्राप्त) स्कूलों के प्रबंधकों /प्रिंसिपलों को लिखे पत्र में डायरैक्टर, पब्लिक इंस्ट्रकशनज़(सैकेंडरी शिक्षा) सुखजीत पाल सिंह ने बताया कि यह फ़ैसला तालाबन्दी के मद्देनजऱ लिया गया है।
इस पत्र में स्कूलों के प्रबंधकों / प्रिंसिपलों को कहा गया है कि उनकी तरफ से बच्चों के माता-पिता को मासिक या त्रैमासिक फीस भरने की छुट दी जाये। स्कूलों प्रबंधकों को उन बच्चों के मामले को और भी ध्यान और हमदर्दी से विचारने के लिए कहा गया है जिनके माता-पिता की आजीविका तालाबंदी के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है। ऐसे विद्यार्थियों को फीस में रियायत / फीस माफ करने के लिए भी कहा गया है और फीस न भरे जाने पर किसी भी बच्चे की शिक्षा (ऑनलाइन या रेगुलर) प्राप्ति को न रोके जाने के लिए भी कहा गया।
यह भी हिदायत की गई है कि स्कूल प्रबंधन की तरफ से किसी भी अध्यापक को हटाने या मासिक वेतन में कटौती या टीचिंग / नॉन-टीचिंग स्टाफ के कुल खर्चों में कोई कटौती न की जाये। स्कूल ऑनलाइन / डिस्टैंस लर्निंग प्रदान करने का यत्न करेंगे जिससे कोविड - 19 के मद्देनजऱ मौजूदा या भावी तालाबन्दी के कारण शिक्षा पर बुरा प्रभाव न पड़े।
यह भी कहा गया है कि स्कूलों की तरफ से गर्मियों की छुट्टियों को छोड़ कर तालाबंदी/कफ्र्यू के दौरान कोई फीस न ली जाये। हालाँकि, जिन स्कूलों ने तालाबन्दी के दौरान ऑनलाइन शिक्षा प्रदान की है या प्रदान कर रहे हैं, वह बिल्डिंग के खर्चे, परिवहन के खर्चे, खाने के खर्चे आदि के सिवाय सिर्फ ट्यूशन फीस ले सकते हैं।

 

साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

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