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निगरानी रडार खरीद: रक्षा मंत्रालय ने किया महिंद्रा टेलीफोनिक्स के साथ करार

रक्षा मंत्रालय ने 03 जून को मेसर्स महिंद्रा टेलीफोनिक्स इंटीग्रेटेड सिस्टम्स लिमिटेड, मुंबई से भारतीय नौसेना एवं भारतीय तटरक्षक के लिए हवाई अड्डों की निगरानी हेतु 11 मोनोपल्स सेकेंडरी सर्विलांस रडार की खरीद के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। 323.47 करोड़ रुपये की लागत से यह खरीद 'बाय एंड मेक' श्रेणी के तहत की जाएगी। इन राडारों के लगाने से हवाई अड्डों के आसपास वायु क्षेत्र जागरूकता बढ़ेगी और भारतीय नौसेना तथा भारतीय तटरक्षक की उड़ान संचालन में सुरक्षा व दक्षता में वृद्धि होगी।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस अनुबंध पर हस्ताक्षर करना 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' तथा इस कार्यक्रम में अंतर्निहित उद्देश्यों की दिशा में सरकार की एक उपलब्धि है। इससे प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और स्वदेशी निर्माण के क्षेत्र में प्रगति होगी तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

रक्षा आयात के लिए दूसरी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची के विस्तार को मंजूरी

जानकारी के लिए बता दें कि घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कुछ दिन पहले अगली पीढ़ी के कार्वेट, हवाई अग्रिम चेतावनी प्रणाली, टैंक इंजन और रडार जैसे 108 सैन्य हथियारों और प्रणालियों के आयात पर प्रतिबंध लगाने को मंजूरी दे दी थी। पिछले साल रक्षा आयात के लिए जारी पहली नकारात्मक सूची में 101 वस्तुएं शामिल थीं।

गौरतलब हो कि दूसरी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची में शामिल 108 वस्तुओं के आयात पर दिसंबर 2021 से दिसंबर 2025 तक प्रतिबंध रहेगा। आयात के लिए दूसरी स्वदेशीकरण सूची को भी रक्षा मंत्री ने मंजूरी दी है। मंत्रालय ने दूसरी सूची सार्वजनिक क्षेत्र और निजी रक्षा विनिर्माण उद्योगों के साथ कई बार विचार-विमर्श करने के बाद तैयार की है।

नारद संवाद

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