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तृणमूल का दावा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को विश्व भारती के कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने गुरुवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित केंद्रीय विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह के अवसर पर विश्व भारती विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा आमंत्रित नहीं किया गया। पश्चिम बंगाल के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ब्रत्य बसु ने कहा कि बनर्जी को शताब्दी समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया था। इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली संबोधित किया था।

बसु ने कहा, "ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं और इस अवसर पर उन्हें आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत आमंत्रित किया जाता है। हमें विश्वविद्यालय के अधिकारियों से कोई आधिकारिक निमंत्रण प्राप्त नहीं हुआ है। क्या राज्य के मुख्यमंत्री के साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है?"

कुलपति द्वारा हस्ताक्षरित और मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजे गए पत्र के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा, "क्या उनके पास पत्र की रसीद की प्रति है? कुलपति ने पत्र पर हस्ताक्षर किए और उसे सिर्फ अपने पास रखा।"

इस बीच मुख्यमंत्री ने सुबह विश्व भारती में शताब्दी समारोह के अवसर पर ट्वीट किया और कहा कि शांतिनिकेतन में टैगोर के दर्शन और विचारों को संरक्षित किया जाना चाहिए।

बनर्जी ने कहा, "विश्व भारती विश्वविद्यालय के 100 साल पूरे हो गए हैं। शिक्षा का यह मंदिर रवींद्रनाथ टैगोर का आदर्श मानव बनाने का सबसे बड़ा प्रयोग था। हमें इस महान दूरदर्शी की दृष्टि और दर्शन को संरक्षित करना चाहिए।"

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के शांतिनिकेतन में स्थित विश्व भारती की स्थापना 1921 में हुई थी और इसे 1951 में संसद के एक अधिनियम द्वारा केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिला था।

साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

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