BREAKING NEWS

दिल्ली : राहुल गांधी ने शुरू की ‘सत्याग्रह’ पहल, लोगों से मांगी अन्याय के खिलाफ संघर्ष की कहानी || दिल्ली : नशीले पदार्थों की तस्करी के सरगना नवप्रीत सिंह का प्रत्यर्पण, केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया- 'मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि' || पटना : बाढ़ प्रभावित इलाकों में वायुसेना का राहत अभियान, हेलीकॉप्टरों से 10 टन सामग्री पहुंचाई गई || जोधपुर : केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को जन्मदिन पर बधाईयों का तांता, पीएम मोदी समेत नेताओं ने दी शुभकामनाएं || उत्तर प्रदेश : हापुड़ में मुठभेड़ के बाद पांच अपराधी गिरफ्तार, पुलिस ने 55 लाख के सामान से भरे कैंटर लूट की घटना को सुलझाया

गुडिय़ा गैंगरेप केस : दोनों दोषियों को 20-20 साल की सजा, मासूम के पिता ने की फांसी की मांग

नई दिल्ली। पांच साल की बच्ची ‘गुडिय़ा’ के साथ गैंगरेप केस के दोनों दोषियों को राजधानी के एक कोर्ट ने गुरुवार को सजा सुनाई। कडक़डड़ूमा कोर्ट ने दोषी मनोज शाह और प्रदीप को 20-20 साल की सजा दी है। साथ ही उन्हें 11 लाख रुपए बतौर मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। दोनों दरिंदों ने अपहरण के बाद मासूम के साथ बर्बरता के साथ दुष्कर्म किया था।

उपचार के दौरान बच्ची के शरीर से मोमबत्ती और कांच की शीशी निकली थीं। जिस निर्भया गैंगरेप ने पूरे देश को हिला दिया था, उसके चार महीने बाद ही यह घटना हुई थी। 15 अप्रैल 2013 की शाम गांधी नगर से बच्ची लापता हो गई थी।

दो दिन बाद वह घर के पास ही घायल मिली थी। उसे एम्स में भर्ती कराया गया था। मामले की सुनवाई की दौरान 59 गवाहों ने बयान दर्ज कराए। दोनों दोषियों पर जान से मारने की कोशिश, गैंगरेप, किडनैपिंग, सबूत मिटाने और पोक्सो के तहत केस दर्ज किया गया था। सजा के ऐलान के बाद मासूम के पिता ने कहा कि ऐसे लोगों को फांसी से कम नहीं होनी चाहिए। मेरी बेटी आज भी तकलीफ में है। उसकी 7 सर्जरी हुई है। मुझे इन लोगों से आज भी जान का खतरा है। मैं घटना के बाद से गांव नहीं जा पाया हूं। इस मामले में शिकायतकर्ता बचपन बचाओ आंदोलन के एडवोकेट एएएस फुल्का ने कोर्ट के फैसले के बाद कहा कि दोषियों ने जो गुनाह किया है, उसके लिए यह न्यूनतम सजा है। हम और कड़ी सजा के लिए हाईकोर्ट जाएंगे।


 साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More