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ऑक्सीजन प्लांट का सिविल वर्क अंतिम चरण में

भारत में कोरोना वायरस की तीसरी लहर आने की अटकलों के बीच, उत्तर प्रदेश सरकार उससे निपटने के लिए खुद को तैयार करने में लगी हुई है। इसी कड़ी में राज्य सरकार 15 अगस्त तक यूपी में 548 ऑक्सीजन संयंत्रों को चालू करने के लिए पूरी तरह से प्रयास कर रही है। इस तेजी का कारण है कि यदि राज्य में तीसरे चरण का संक्रमण होगा तो उत्तर प्रदेश के हर जिले में पर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने राज्य के आयुक्तों और विभिन्न जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि उनके अंतर्गत आने वाले जिलों में स्वीकृत सभी 548 ऑक्सीजन प्लांट 15 अगस्त 2021 तक चालू हो जाएं।

आधे से ज्यादा ऑक्सीजन संयंत्र हो चुके चालू
मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान अधिकारियों को कहा, “वर्तमान में 548 ऑक्सीजन संयंत्रों में से 214 चालू हैं। यह देखें कि उनमें से बचे हुए भी 15 अगस्त तक चालू हो जाएँ।” उन्होंने आगे बताया कि प्रत्येक ऑक्सीजन संयंत्र में उत्पादन की निगरानी के लिए कम से कम दो टेक्नीशियन को नियुक्त किया जाएगा। राजेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि अब तक 280 टेक्निशियन को शॉर्टलिस्ट किया जा चुका है। यूपी के सीएस ने अधिकारियों को बाल चिकित्सा वार्डों की देखरेख करने और वहां ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति हो यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

ऑक्सीजन प्लांट का सिविल वर्क अंतिम चरण में
रिपोर्टों के अनुसार, यूपी के मुख्य सचिव ने कहा है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा स्थापित किए गए प्रेशर स्विंग अवशोषण (Pressure Swing Absorption) ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों का सिविल कार्य अपने अंतिम चरण में है। शेड लगाए जाने के बाद, संयंत्रों को 15 अगस्त तक चालू कर दिया जाएगा।

यूपी कोविड -19 की तीसरी लहर से निपटने के लिए है तैयार

गौरतलब है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस साल मई में नोएडा फिल्म सिटी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि राज्य पूरी तैयारी के साथ कोविड-19 की प्रत्याशित तीसरी लहर से लड़ने के लिए खुद को तैयार कर रहा है।
चूकि, जानकारों के अनुसार, तीसरी लहर बच्चों, महिलाओं और अन्य कमजोर समूहों को प्रभावित कर सकती है, यूपी सरकार बच्चों की उचित और विशेष देखभाल के लिए सभी जिलों में न्यूनतम 100 बिस्तरों की क्षमता वाले बाल चिकित्सा आईसीयू स्थापित कर रही है। साथ ही मेडिकल कॉलेजों में भी अतिरिक्त वार्ड बनाए जा रहे हैं।

युद्ध स्तर पर हो रहा टीकाकरण अभियान
इसके अलावा, तीसरी लहर की चेतावनी के बीच, यूपी सरकार युद्ध स्तर पर टीकाकरण अभियान चला रही है। 4 जून को, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के अधिकारियों को एक महीने में राज्य की दैनिक कोविड-19 टीकाकरण दर को तीन गुना करने का निर्देश दिया था। कैलकुलेशन के अनुसार, तीन गुना लक्ष्य के लिए एक दिन में 10 लाख से अधिक टीके देना होगा।

उप्र ने एक दिन में सबसे अधिक टीकाकरण का बनाया नया रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कोविड प्रबंधन की बड़ी भूमिका रही है। बीमारी को समाप्त करने के लिये उठाए गये कदमों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जिसका नतीजा है कि बलरामपुर, बस्ती, एटा, हाथरस, महोबा, श्रावस्ती में एक भी कोरोना मरीज शेष नहीं रह गया है। ये जिले कोरोना से मुक्त हो चुके हैं। यहां सभी संक्रमित मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो गये हैं। उत्तर प्रदेश ने एक दिन में कोविड से बचाव के लिये सबसे अधिक टीकाकरण का फिर नया रिकॉर्ड बनाया है। बीते दिन यह जानकारी सामने आई थी कि प्रदेश में 10 लाख 06 हजार से अधिक लोगों ने टीका-कवर प्राप्त किया है। इस दौरान कुल 10,06,068 लोगों को डोज दी गई हैं। वर्तमान में टीकाकरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। अब तक 04 करोड़ 38 लाख 22 हजार 201 से अधिक लोगों को वैक्सीन डोज लगाई जा चुकी है। प्रदेश में तेजी से चल रहे टीकाकरण अभियान के कारण प्रदेश के 41 जिलों में इकाई अंकों में कोविड मरीज ही शेष बचे हैं

नारद संवाद

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