BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

असम में घट रहा बाढ़ का पानी, अब भी 11 लाख लोग प्रभावित

गुवाहाटी । असम के ज्यादातर जिलों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घटने लगा है। बाढ़ के हालात में सुधार है, मगर अब भी 11 लाख लोग प्रभावित हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, 33 जिलों में से 20 जिलों के 11 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें 8.30 लाख लोग राज्य के छह पश्चिमी जिलों- गोलपाड़ा, मोरीगांव, बोंगईगांव, बारपेटा, गोलाघाट, धुबरी और पूर्वी लखीमपुर के हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पिछले नौ दिनों से मॉनसूनी बारिश नहीं हुई है। इस कारण बाढ़ की स्थिति में सुधार आना तय है।

प्रभावित जिलों के 75,711 हेक्टेयर खेतों में लगी फसलें अब भी डूबी हुई हैं। पहले, 24 जुलाई को 122,573 हेक्टेयर में लगी फसलें डूब गई थीं।

एएसडीएमए के अधिकारियों के अनुसार, ब्रह्मपुत्र सहित नौ बड़ी नदियों कई जगहों पर उफना गई हैं। शोणितपुर, जहां ब्रह्मपुत्र और जिया भारती नदियां बहती हैं, दोनों खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कांजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का 55 फीसदी हिस्सा डूब गया है। बाढ़ के कारण कम से कम 145 वन्यजीवों की मौत हो चुकी है।

 


साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More